मध्य प्रदेश चुनाव : कांग्रेस कैंडिडेट का नामांकन हो सकता है निरस्त, ओबीसी सर्टिफिकेट को लेकर फंसा पेंच, आज सुनवाई

20 जून को नॉमिनेशन की जांच की गई थी, जहां विनोद बाथम ने पूर्व कांग्रेस पार्षद और मेयर पद की दावेदार रहीं संतोष कंसाना के जाति प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मामला कलेक्टर के पास पहुंचा।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। जैसे-जैसे प्रदेश में नगर निगम चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे ही सियासी पारा गरमा रहा है। 20 तारीख को नामांकन दाखिल होने के बाद 22 जून यानि की बुधवार को आयोग उम्मीदवारों की अंतिम सूचि जारी करेगा, लेकिन उससे पहले ही भोपाल में एक कैंडिडेट की योग्यता को लेकर सवाल खड़े हो गए है।

दरअसल, राजधानी भोपाल के वार्ड-29 से कांग्रेस की पार्षद प्रत्याशी संतोष कंसाना का नामांकन शक के घेरे में आ गया है, जहां उनके OBC सर्टिफिकेट पर आपत्ति जताई गई है। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को कलेक्टर अविनाश लवानिया करेंगे। सुनवाई के बाद ही फैसला होगा कि कंसाना चुनाव लड़ेगी या नहीं।

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आपको बता दे, 20 जून को नॉमिनेशन की जांच की गई थी, जहां विनोद बाथम ने पूर्व कांग्रेस पार्षद और मेयर पद की दावेदार रहीं संतोष कंसाना के जाति प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मामला कलेक्टर के पास पहुंचा।

इस बारे में जब संतोष कंसाना से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं हरियाणा के फरीदाबाद की बेटी हूं और भोपाल में ब्याही हूं। हरियाणा में गुर्जर समाज ओसीबी कैटेगिरी में है और मध्यप्रदेश में भी। केंद्र सरकार ने भी इसे ओसीबी कैटेगिरी में ही शामिल कर रखा है। इस कैटेगिरी से ही मैं वर्ष 2009 और 2014 में पार्षद का चुनाव लड़ चुकी हूं। यहां एसडीएम रहे संजीव श्रीवास्तव ने ही सर्टिफिकेट बनाकर दिया है। जब सरकार ने ही सर्टिफिकेट बनाया है और पिछले दो चुनाव लड़ चुकी हूं तो अब आपत्ति क्यों लगाई गई यह समझ से बाहर है। मंगलवार को कलेक्टर के सामने हम अपना पक्ष रखेंगे।”