दतिया में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर बन रहे नकली जूते-चप्पल, कोर्ट कमिश्नर ने मारा छापा

बुधवार को कोर्ट कमिश्नर द्वारा फैक्ट्री पर छापा मारा गया। जहां से भारी मात्रा में नकली माल जब्त किया गया।

दतिया, सत्येन्द्र रावत। दतिया (Datia) में प्लास्टिक के जूते-चप्पल बनाने के काम में महारत हासिल प्राप्त एक परिवार द्वारा नकली जूते-चप्पल (Shoes/footwear) बनाने का मामला सामने आया है। दरअसल यह परिवार अपनी ग्वालियर एवं दतिया की फैक्ट्रियों में ब्रांडेड कंपनियों (branded companies) के नाम से प्लास्टिक के नकली जूते चप्पल बनाए था । विगत कुछ वर्ष पूर्व भी जिस कंपनी के नाम से इन लोगों द्वारा निर्माण किया जा रहा था, उनकी शिकायत पर छापामार कार्रवाई की गई थी। परंतु नकली उत्पादन करने वाला यह परिवार प्रशासन की कार्रवाई से कहां मानने वाला था। परिणाम स्वरुप उसका धंधा दिन दूना रात चौगुना फैलता ही गया। जिसके बाद बुधवार को कोर्ट कमिश्नर द्वारा फैक्ट्री पर छापा मारा गया। जहां से भारी मात्रा में नकली माल जब्त किया गया।

यह भी पढ़ें…जेल में बंद हत्या का आरोपी बना BJP एससी मोर्चा की कार्यसमिति का सदस्य

बतादें कि नकली जूता चप्पल बनाने वाला परिवार पूर्व में जब कांग्रेस प्रदेश की सत्ता में हुआ करती थी। तब कांग्रेस का पदाधिकारी था और अब यह परिवार भाजपा में शामिल होकर लाभ उठा रहा है। ज्ञात रहे कि ग्वालियर की रामानंद इंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आर पार नाम से ट्रेडमार्क एवं रजिस्टर्ड कंपनी होकर जूते-चप्पल बनाने का कार्य करती है। इस कंपनी के नाम बाले उत्पादन से मिलते जुलते नाम के नकली उत्पादन बनाकर बाजार में भारी मात्रा में बेचा जा रहा था। जोकि रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क एवं रजिस्टर्ड कॉपीराइट अधिनियम के विपरीत है। दतिया की जिस कंपनी के लोग ग्वालियर एवं दतिया में उत्पादन कर रहे हैं। उनमें आर पार के नाम से मिलते जुलते जूते चप्पल बनाकर बाजार में बेचा जा रहा है। इस नाम से मिलते जुलते ब्रांड जैसे अपार, आर-आर, अ-पार, आओ-पार, अंपार, आ-म-पार आदि नाम से बनाकर बेचे जा रहे थे।

कोर्ट कमिश्नर ने गत दिवस मैं. आशीर्वाद पॉलीमर्स दतिया भरत साहिबानी, मैं. अजय प्लास्टिक इंडस्ट्रीज दतिया सोनम साहिबानी, मैं. हिंद प्लास्टिक दतिया शीतल दास साहिबानी, मैं. देवी इंडस्ट्रीज खेमचंद्र साहिबानी दतिया, मैं. शारदा पॉलीमर्स कैलाश साहिबानी- कमल साहिबानी 58 महाराजपुरा पिंटो पार्क ग्वालियर मध्य प्रदेश के नाम से जूता चप्पल बनाने की फैक्ट्री या चलाई जा रही थी। जिनके पास शासन द्वारा जारी किया गया कोई रजिस्ट्रेशन ट्रेडमार्क अथवा अन्य किसी तरह का दस्तावेज नहीं मिला। जिससे यह सिद्ध हो सके कि आर पार नाम से मिलते जुलते उत्पादन कॉपीराइट के तहत नहीं आते हैं। रामानंद इंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जिला न्यायालय वाणिज्य साकेत नई दिल्ली के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया था। जिसकी सुनवाई के पश्चात न्यायालय द्वारा कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर संबंधित उत्पादक स्थानों पर स्थानीय पुलिस की मदद से छापामार कार्रवाई की गई। जहां नकली माल, पैकेजिंग का सामान, ट्रेडमार्क की डाइज आदि जब्त किए गए।

यह भी पढ़ें…भय्यू जी महाराज की बेटी ने लगाए ट्रस्टियों पर संगीन आरोप, उदयसिंह देशमुख के बाद ये हाल है कुहू के !