Kisan Movement: बड़े आंदोलन की तैयारी में जुटे बागली के किसान, सरकार को दिया अल्टीमेटम

किसानों के आंदोलन (agitation) की बड़ी वजह सरकार द्वारा क्षेत्र के किसानों को सिंचाई योजना से वंचित करना बताया जा रहा है।

देवास, सोमेश उपाध्याय। जिले के बागली विकासखंड के किसान इन दिनों बड़े आंदोलन की तैयारी में है। भारतीय किसान संघ (Bhartiya Kisan Sang) के तत्वाधान में आगामी 30 मार्च से बागली के चापड़ा में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना आरम्भ होने वाला है।आंदोलन को लेकर किसान संघ के पदाधिकारियों ने जमीनी स्तर पर तैयारी भी आरम्भ कर दी है। गांव-गाँव बैठक आयोजित कर किसानों से समर्पक कर रहे है।

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किसानों के आंदोलन (agitation) की बड़ी वजह सरकार द्वारा क्षेत्र के किसानों को सिंचाई योजना से वंचित करना बताया जा रहा है।किसान संघ लम्बे समय से खेतो में सिंचाई के लिए नर्मदा के जल की माँग कर रहे हैं। लेकिन, योजना में यहां के कुछ गाँवो को छोड़ दिया गया था। परन्तु बाद में बड़े विरोध के बाद छुटे हुए गाँवो के लिए नवीन योजना हॉटपिपल्या माइक्रो सिंचाई योजना बनाई गई। जिसकी घोषणा खुद CM शिवराज सिंह चौहान ने हॉटपिपल्या उपचुनाव के पूर्व हॉटपिपल्या में की थी।

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CM शिवराज अनेको बार किसान संघ के पदाधिकारियों को सिंचाई योजना में क्षेत्र के सभी गाँव जोड़ने के लिए आश्वस्त कर चुके थे, परन्तु सीएम की घोषणा के बाद भी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जनप्रतिनिधियों से ठोस जवाब नहीं मिलने के बाद किसानों ने आखिरकार आंदोलन मार्ग चुन लिया।

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दिवगन्त सांसद चौहान ने भी किए थे प्रयास- इस योजना की स्वीकृति के लिए दिवगन्त सांसद स्व.नन्दकुमार सिंह चौहान ने भी खूब प्रयास किए थे। चौहान ने भी सीएम शिवराज सिंह चौहान से योजना की स्वीकृति की माँग करी थी, जिसका जिक्र उन्होंने अनेको बार सार्वजनिक रूप से किया था। बागली में अपने अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम में भी उन्होंने योजना को धरातल को स्वीकृति दिलवाने की बात जनता के समक्ष रखी थी। अब किसान संघ ने इसे सांसद की अंतिम इच्छा करार दिया है।

ये है योजना : पुनासा डेम से पाइप द्वारा लाएंगे नर्मदा जल

योजना में नर्मदा नदी के इंदिरा सागर जलाशय (पुनासा डेम) से जल उद्वहन करके पाइपों के माध्यम से बागली, उदयनगर, हाटपिपल्या, सतवास, कन्नौद व बड़वाह तहसील के ग्रामों में सिंचाई के लिए जाएगा। यह लिंक परियोजना नहीं है। जिस प्रकार से तालाबों में खुली कच्ची या पक्की नहरें होती हैं, इसमें बंद नहर पाइप लाइन की शक्ल में होगी। योजना की लागत 2540.69 करोड़ है, जिसमें 6 तहसीलों के 339 ग्रामों के 96 हजार 400 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचित किया जाएगा। जल का उदवहन पंपिग स्टेशनों के द्वारा 3.30 मीटर व्यास के एमएस पाइप से होगा।

सिंचाई योजना से क्षेत्र के हजारों किसानों का भविष्य जुड़ा है। किसान केवल अपना अधिकार मांग रहा है। सरकार ने घोषणा कर दी, बावजूद उसके अभी तक प्रशासनिक स्वीकृति क्यों नहीं मिली। जब तक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलती हमारा आंदोलन हर कीमत पर जारी रहेगा।

-गोवर्धन पाटीदार
जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ,देवास