देवास/ बागली,सोमेश उपाध्याय। साल 2019 में प्रभावित हुई खरीफ फसलों की बीमा राशि से बागली हल्का नंबर 34, बेहरी हल्का नंबर 28 व छतरपुरा, नयापुरा हल्का नंबर 24 शत-प्रतिशत वंचित रह गए है। वहीं साल 2020 की खरीफ फसलें सोयाबीन, मक्का आदि भी पुरी तरह बर्बाद हो गई, जिसे लेकर मंगलवार को बागली, जटाशंकर, बरझाई, बेहरी, चैनपुरा, छतरपुरा, नयापुरा, गुवाड़ी, अंबापानी सहित आसपास के कई प्रभावित हल्को के किसान लामबंद होकर सड़क पर उतरे और तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को तथा क्षेत्रीय विधायक के नाम उनके प्रतिनिधि कमल यादव को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि बागली क्षेत्र के किसानों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। जब वर्ष 2019 की खरीफ फसलों की बीमा राशि पुरे प्रदेश में वितरित की गई तो बागली क्षेत्र को क्यों वंचित रखा गया। उक्त हल्को के किसानों को बीमा राशि शीघ्र जारी की जाए।इसी तरह वर्ष 2020 की खरीफ फसलें सोयाबीन, मक्का आदि भी प्राकृतिक आपदा के कारण पुरी तरह बर्बाद हो गई, जिसकी क्षतिपूर्ति हेतु राहत राशि शीघ्र जारी की जाए। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी एक सप्ताह में उक्त दोनों मांगे पूरी नहीं की गई तो हम किसानों को धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

ज्ञापन का वाचन किसान महिला नेत्री श्यामा तोमर ने किया। इस दौरान वरिष्ठ किसान नेता काशीराम पाटीदार, बसंतीलाल मोदी, बसंत ईनाणी, जगदीश गुप्ता, मुकेश गुप्ता,महेंद्र पाटीदार, गब्बर उदावत,कन्हैयालाल यादव, लखन दांगी, राजकुमार गुप्ता,सन्दीप उदावत,राजपाल उदावत,कालू उदावत,शेखर मराठा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजुद थे।