बागली, सोमेश उपाध्याय। जिला खाद्य विभाग की टीम ने नगर में खाद्य सामग्री गुणवत्ता की जांच की। चलित गुणवत्ता जांच लैब के साथ पहुंची टीम ने होटल, रेस्टोरेंट पहुंचकर मसालों एवं दूध डेयरी पर बेचे जाने वाले उत्पाद की गुणवत्ता की जांच की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीवी अलवेलु ने बताया कि चलित लैब से खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता जांच की जा रही है।

शुक्रवार दोपहर में विभाग की टीम ने गाँधी चौक पर खाद्य सामग्री जैसे,तेल, मिर्ची व हल्दी की गुणवत्ता की जांच की। इस अवसर पर व्यापारी संघ के सचिव रजत बजाज ने कहा कि खाद्य सामग्रियों की जाँच अनिवार्य रूप से की जाना चाहिए। यह खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है। खाद्य विभाग की जनहित से जुड़ी हर पहल का व्यापारी संघ समर्थन करता रहेगा। इस अवसर पर व्यापारी संघ के घीसालाल डॉबी, राजेश बजाज, राजेश बल्दवा, कैलाश कांकाणी, विमल पड़िहार, सतीश गेहलोद, गोपी शर्मा, जूझेर बोहरा आदि सहित व्यापारी व नागरिक उपस्थित थे।

जांच के दौरान टीम में शामिल टेक्नीशियन ने दो कांच की परखनली लेकर एक में मिर्ची व एक में हल्दी डाली। फिर दोनों में थोड़ा-थोड़ा पानी डाला। खाद्य अधिकारी ने लोगों को बताया कि अगर हल्दी या मिर्ची में मिलावट होती तो पानी रंगीन हो जाता है। मिर्ची में डाला पानी लाल तथा हल्दी वाला पानी गहरा पीला हो जाता। मिलावटी दूध को चखकर पता लगाया जा सकता है। अगर हल्का खारापन लगे तो दूध मिलावटी हो सकता है।

इनका कहना है – चलित लैब के उपकरणों से किसी भी वस्तु की तत्काल प्रारंभिक जांच हो जाती है। अगर वस्तु की जांच शंकास्पद लगती है तो उसे भोपाल जांच के लिए भेजा जाता है। खाद्य सामग्रियों के गुणवत्ता की जांच के साथ ही लोगों को खाद्य वस्तुओं में सावधानी बरतने की समझाइश दी है। पीवी अलवेलू, खाद्य सुरक्षा अधिकारी