प्रशासन के खिलाफ मैदान में आने की मिली सजा, डॉ भल्ला के सहारा अस्पताल पर चला बुलडोजर

ग्वालियर। शहर के सरकारी  और निजी  अस्पतालों के डॉक्टरों द्वारा जिला प्रशासन के खिलाफ पिछले दिनों खोले गए मोर्चे का असर आज डॉ भल्ला के सहारा अस्पताल पर बुलडोजर चलने के रूप में दिखाई दिया। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई कार्रवाई के दौरान अस्पताल में मरीजों के परिजन और स्टाफ के कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। उधर डॉ भल्ला के वकील ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है। 

ग्वालियर जिला प्रशासन ने आज शहर के चर्चित ENT सर्जन डॉ  ए एस भल्ला के सहारा अस्पताल  पर बड़ी कार्रवाई की । प्रशासन ने अस्पताल को अतिक्रमण बताते हुए उसके कई हिस्सों को तोड़ दिया । साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में आनन-फानन में शिफ्ट किया गया । प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ अस्पताल प्रशासन ने जमकर प्रदर्शन किया।कर्मचारियों ने  पुलिस से झूमा झटकी की लेकिन पुलिस और प्रशासन के सामने उनकी कुछ नहीं चली और प्रशासन ने तुड़ाई जारी रखी इस बीच कोर्ट से अस्पताल संचालक  को 16 दिसंबर तक का स्टे मिल गया है जिसमें मरीजों को उसे शिफ्ट करना है। लेकिन हाईकोर्ट ने डॉक्टर की प्रशासन के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर जो याचिका लगाई गई थी उसे खारिज कर दिया है । गौरतलब है कि पूरा मामला डॉक्टर और प्रशासन के वर्चस्व की लड़ाई का है। एक पखवाड़े पहले शहर के सरकारी और निजी चिकित्सकों ने एक जुट होकर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। डॉक्टरों ने कहा था कि हमारे काम में प्रशासनिक दखल बढ़ रहा है जिसे स्वीकार नहीं किया जायेगा। हम किसी अधिकारी के घर जाकर उसका इलाज नहीं करेंगे और उसे सर नहीं कहेंगे । साथ की सरकारी अफसर के साथ मंच भी शेयर नहीं करेंगे। इस मीटिंग  में डॉ भल्ला ने प्रमुख भूमिका निभाई थी। डाक्टरों के फैसले के बाद ने अगले ही दिन प्रशासन 18 से ज्यादा प्राइवेट नर्सिंग होम्स को  नोटिस जारी किए थे। जिसमें कहा गया था कि उन्होंने अस्पताल की आड़ में अतिक्रमण कर रखा है कुछ पर उस समय तुड़ाई भी की गई । और कहा गया कि अवैध निर्माणों को तत्काल नहीं हटाया गया तो उनके अस्पताल को सील कर दिया जाएगा। जिसके बाद अब उन नोटिस की समय सीमा आज खत्म हो गई है और पहली कार्रवाई सहारा अस्पताल के। खिलाफ की गई। में देखने को मिली है। 

उधर इस कार्रवाई की वजह प्रोपर्टी मालिक कांग्रेस नेत्री रश्मि परिहार और डॉक्टर भल्ला के बीच का विवाद बताया जा रहा  है प्रॉपर्टी मालिक के पति बृज मोहन परिहार का कहना है कि वह खुद अपनी प्रॉपर्टी को खाली करवाने के लिए न्यायालय की शरण में गए हुए हैं। ऐसे में फिलहाल अभी अस्पताल पर चल रही कार्रवाई को रोक दिया गया है। उन्होंने लेकिन प्रशासन का अमला अभी भी अस्पताल के बाहर ही डेरा जमाए बैठा है।  जिसके चलते ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कुछ घंटे बाद दोबारा अस्पताल पर तोड़फोड़ की कार्रवाई हो सकती है। पूरी कार्रवाई को डॉ भल्ला और सहारा अस्पताल के वकील टीसी नरवरिया ने बदले की भावना से। की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि नोटिस 5 तक का था उसके बाद हमारे पास 16 दिसंबर तक का स्टे ऑर्डर था जिसकी जानकारी प्रशासन को थी उसके बाद भी ये कार्रवाई की गई । इसकी वजह बताते हुए वे कहते हैं कि चूंकि डॉक्टर भल्ला अब भाजपा को सपोर्ट करते हैं इसलिए कांग्रेस सरकार के इशारे पर ये कार्रवाई की गई है। बहरहाल वजह कुछ भी हो इस कार्रवाई के बाद वे सभी डॉक्टर भयभीत हैं जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ खोले गए मोर्चे में साथ दिया था। साथ ही वे अस्पताल संचालक भी डरे हुए हैं जिनको दिए नोटिस की अवधि ख़त्म हो गई है क्योंकि प्रशासन का बुलडोजर उनके यहाँ कभी भी चल सकता है ये चिंता उन्हें सता रही है।