ग्वालियर । जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में हंगामा कर मरीजों पर हमला करने वाले विक्षिप्त नाबालिग को गार्ड द्वारा घसाटे जाने और बांधे जाने पर अस्पताल अधीक्षक ने जांच के आदेश दिये हैं। जांच के लिए समिति बना दी गई है जो तीन दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी, वहीं दोषी गार्ड को नौकरी से हटा दिया गया है ।
बीती शाम जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उस समय हंगामा हो गया जब एक नाबालिग विक्षिप्त ट्रॉमा सेंटर में घुस गया। उसका एक हाथ कटा हुआ था और वो अर्धनग्न अवस्था में था। गेट पर तैनात गार्ड ने मरीज समझकर उसे नहीं रोका लेकिन अंदर घुसते ही नाबालिग ने एक मरीज को काट लिया, मरीज पर हमला होते ही ट्रॉमा सेंटर में हंगामा हो गया। शोर सुनते ही गार्ड अंदर पहुंचा और उसने नाबालिग को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने गार्ड पर हमला कर दिया। उसके बाद गार्ड उसे घसीटते हुए बाहर की करफ ले आया और रस्सी से खंबे से बांध दिया। इस दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना की वीडियो बना ली और वायरल कर दी। जानकारी लगते ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए, उन्होंने मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल अग्रवाल और सर्जन डॉ. सुनील अग्रवाल को मौके पर बुलाया और नाबालिग का चैकअप कराया और इलाज के लिए भर्ती कराया।
नाबालिग विक्षिप्त के साथ हुए अमानवीय व्यवहार के बाद अधीक्षक तत्काल एक्शन में आए और उन्होंने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी जो तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। जांच समिति इस बात की भी जांच करेगी कि क्या वाकई में हाथ कटा होने के कारण नाबालिग ट्रॉमा सेंटर गाया था और उसे बिना इलाज के लौटा दिया गया। उसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी, दोषी गार्ड को नौकरी से हटा दिया गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा ने आदेश दिए हैं कि अब से ट्रॉमा सेंटर में मरीज के साथ अटेंडर जाएगा तभी उसे प्रवेश दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने नाबालिग विक्षिप्त के बारे में जिला प्रशासन को जानकारी दे दी है।