मशीनों से रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध, शिकायत मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई: कमल पटेल

होशंगाबाद । नर्मदा नदी में मशीनों से रेत खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, मशीनों से रेत खनन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण तथा जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने होशंगाबाद प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी। कमल पटेल ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में पूरा प्रदेश अराजकता की चपेट में था जिसे तेजी के साथ सुधारा जा रहा है।

होशंगाबाद जिले के प्रवास के दौरान कमल पटेल ने जिले की विकास योजनाओं को लेकर अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। मीडिया से चर्चा करते हुए कमल पटेल ने अवैध रेत खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। कमल पटेल ने कहा कि पानी के साथ बहकर आई रेत का जमाव ही रेत खदान है, उन्होंने कहा कि रेत खदान से मजदूरों के माध्यम से रेत निकालना चाहिए। नदी के बीच से पोकलेन मशीन लगाकर रेत निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित है, इस तरह की शिकायत पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रेत का खनन मजदूरों से कराया जाना चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। एनजीटी के आदेश पर कमल पटेल ने कहा कि उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी रेत खदान निरस्त कर दी थीं। कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में बाहर की कंपनी ने 217 करोड़ में रेत खनन का ठेका लिया था जिसके लिए 50 करोड़ की प्रतिभूति जमा कराई थी लेकिन मेरे प्रभारी मंत्री बनते ही कंपनी ठेका छोड़ गयी उसके 50 करोड़ रुपये भी राजसात हो गए क्योंकि उन्हें पता था कि कमल पटेल के रहते अवैध रेत खनन नहीं हो सकता।

किसानों की कर्ज माफी के सवाल पर कमल पटेल ने कहा कि दस दिनों में कर्ज माफी का वादा कांग्रेस ने किया था लेकिन 15 महीने सरकार चलाने के बाद भी किसानों को कर्ज मुक्त नहीं किया जा सका। किसानों को प्रमाण पत्र तो दिए गए लेकिन कर्ज बना रहा इससे बड़ी संख्या में किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है जिससे किसानों को राहत पहुंचाई जा सके। कमल पटेल ने कहा कि विपक्ष में विधायक के रूप में कर्ज माफी के नाम पर हुई धोखाधड़ी के खिलाफ उन्होंने शिकायत की थी और कोर्ट में प्राइवेट इस्तगासा दाखिल किया है, उन्होंने किसानों से भी धोखाधड़ी की शिकायत करने के लिए कहा है ताकि भविष्य में कोई झूठे वादे करके सत्ता हासिल करने का प्रयास न करे।
कमल पटेल ने पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि जितना काम कमलनाथ सरकार 15 महीनों में नहीं कर पाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 100 दिन में काम कर दिए। कमल पटेल ने कहा कि कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में पूरा प्रदेश अराजकता का शिकार था, लोगों के काम नहीं हो रहे थे, उन्होंने बताया कि होशंगाबाद के 41 किसानों के 42 लाख रुपए का भुगतान अटका हुआ था जिसे पूर्व के प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा नहीं दिला पाए उन्होंने आते ही किसानों का भुगतान करा दिया।