Indore News: SGSTIS संस्थान ने खेल मैदान को पद्मश्री सुशील दोशी के नाम पर रखा, 1968 बैच के रह चुके हैं एलुमनाई

उन्होंने कहा कि उनके लिए गौरव की बात है कि जिस संस्थान में पढ़ने के बाद क्रिकेट में कमेंट्री करने की उपलब्धि हासिल हुई। आज उसी संस्थान द्वारा खेल के मैदान को उनके नाम पर रखा जा रहा है।

Shashank Baranwal
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Sushil Doshi

Indore News: इंदौर के SGSITS प्रशासन की तरफ से अपने खेल के मैदान को पद्मक्षी सुशील दोशी के नाम पर करने का फैसला लिया है। दरअसल, पद्मश्री सुशील दोशी हिंदी जगत के विश्व विख्यात क्रिकेट कमेंटेटर रहे हैं। साथ ही वह SGSITS संस्थान के 1968 बैच के इलेक्ट्रिकल ब्रांच के एलुमनाई छात्र भी रह चुके हैं।

भावुक हुए पद्मश्री सुशील दोशी

पुरा छात्र पद्मश्री सुशील दोशी ने आज शुक्रवार को इंदौर के SGSITS संस्थान का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश सक्सेना को खुद की लिखी हुई किताब आंखों देखा हाल भेंट की। इसके अलावा पद्मश्री सुशील दोषी ने भावुक होते हुए कहा कि सही लोगों को सही जगह पर चुने जाने पर समाज पर सकारात्मक संदेश जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके लिए गौरव की बात है कि जिस संस्थान में पढ़ने के बाद क्रिकेट में कमेंट्री करने की उपलब्धि हासिल हुई। आज उसी संस्थान द्वारा खेल के मैदान को उनके नाम पर रखा जा रहा है।

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।