school-dont-have-felicity-of-sports

खंडवा। सुशील विधानि।

शहर में शिक्षा विभाग ने जिला स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता चल रही है। इसमें अन्य तरह के खेल भी हैं। प्रतियोगिताओं में स्थान के चयन को लेकर कई पालक आपत्ति उठा रहे हैं। पिछले कुछ सालों से एक ही स्कूल में पर्याप्त सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं नहीं होने के बावजूद ये प्रतियोगिताएं जिले का शिक्षा अधिकारी कार्यालय करवा रहा है। कई वरिष्ठ कोच और जिला खेल अधिकारी तक इससे अंदरूनी तरीके से नाराज बताए जा रहे हैं। संबंधित स्कूल के बच्चों को आगे बढ़ाने और पक्षपात का आरोप भी कईयों ने लगाया है। बताते हैं कि शहर के करोड़ों रूपए वाले इंडोर स्टेडियम  में ताइक्वांडो का 8 गुणा 8 या इससे ज्यादा का मेट है। स्कूल में इतना मेट भी नहीं लगाया गया। और भी कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

खंडवा में ताइक्वांडो विशेषज्ञ कोच के रूप में सोमेश राव पदस्थ हैं। श्री राव ने कहा कि तीन साल से कम वेट वाले बच्चों को अधिक वेट वाले बच्चों से फाइट करवाई गई। इसमें स्कूल विशेष के बच्चों को फायदा पहुंचाने के मकसद से काम किया जाता रहा है। उनका आरोप है कि उनका नाम चयन समिति में रखा गया, लेकिन गेम खत्म होने के बाद उन्हें बताया जाता है। कम अनुभवी कोच प्रतियोगिता में निर्णायक व संचालक बन जाते हैं। संबंधित स्कूल प्रबंधन के साथ आयोजन कराने वाली सरकारी संस्थाओं की जांच होनी चाहिए।

इस संस्था में बाहर से भी बच्चे आए थे। पंधाना की कृष्णा एकेडमी तथा कई जगह के बच्चों के लिए नाश्ते व भोजन तक की व्यवस्थाएं स्कूल प्रबंधन व आयोजकों ने नहीं कराई। रात 9.30 बजे तक बच्चे संबंधित स्कूल वाले बच्चों का मुंह ताकते रहे। इन्हें लाने वालों को भी स्कूल मेस में जाने की इजाजत नहीं दी गई। संबंधित प्रशासन भी चुपचाप यह सब देखता रहा।

पालक संजय मसानी ने डीएसओ आशा कटियार एवं खेल अधिकारी रीना चौहान को भी शिकायत की। ताइक्वांडो कोच सोमेश राव को भी फोन लगाया। श्री राव ने कहा कि उन्हें ही प्रतियोगिता के अंतिम दौर में सूचना दी गई। आयोजन हुआ उसमें आधे कोच क्वालिफाइड नहीं थे। ऐसे में कैसे वे सिलेक्ट कर सकते हैं कि कौन सा खिलाड़ी संभागीय स्तर पर खेलने के लिए चयनित किए जाने लायक है। श्री राव ने खंडवा जिले की कुश्ती में प्रतिभाशाली एक बालिका का उदाहरण देते हुए कहा कि गांवों तक से अच्छी प्रतिभाएं छांटने के लिए जिला स्तर की प्रतियोगिताएं हर खेल में होती हैं। यदि इन्हें शुरूआती दौर में ही पक्षपात कर बाहर कर दिया जाएगा, तो हम प्रदेश, देश और विश्व में खंडवा जिले का नाम कैसे ऊंचा करेंगे? इसमें शिक्षा विभाग और खेल अधिकारी को ध्यान देने की जरूरत है।

इन्होंने कहा, वो भी सुनिये

तीन साल से ताइक्वांडो एवं अन्य प्रतियोगिताएं इसी निजी स्कूल में हो रही हैं। इसमें नया कुछ भी नहीं है। यहां से ज्यादा सुविधाएं इंडोर स्टेडियम में होगीं, तो अगली बार ध्यान रखेंगे। रहा सवाल पक्षपात का तो वहीं पर पालकों द्वारा बात उठानी थी।

आशा कटियार, डीएसओ, शिक्षा विभाग,खंडवा

ईमानदारी से प्रतियोगिता कराने के लिए डीएसओ को कहा कहा है। मैं इंदौर के लिए निकल चुका हूँ। 

जे.एल. रघुवंशी, डीईओ, खंडवा.

चयन समिति में पक्षपात हुआ। मुझे ताइक्वांडो गेम्स खत्म होने के बाद सूचना दी गई। मसला गंभीर है। इसकी जांच होनी चाहिए।

सोमेश राव, वरिष्ठ कोच, भारतीय ताइक्वांडो