आदिवासी समाज ने नायब तहसीलदार को कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, जानें पूरा मामला

रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं मिला इलाज, रास्ते में हुई डिलीवरी

Neemuch Tribal Society Case : केंद्र व प्रदेश सरकार के द्वारा गरीबों के लिए कई योजनाएं चल रही है मगर उनका लाभ कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गरीब लोगों को नहीं मिल पा रहा है ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश के नीमच जिले की जावद तहसील के रतनगढ़ क्षेत्र का बताया जा रहा है जहां पर एक डिलीवरी के लिए गई महिला को लंबे समय तक स्वास्थ्य केंद्र पर इंतजार कराने के बाद डिलीवरी करने से मना कर दिया गया और नीमच जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया था। जिसके चलते रास्ते में ही महिला की डिलीवरी के कारण नवजात की मौत हो गई।

बता दें कि गुस्साए परिजनों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार मोनिका जैन को ज्ञापन दिया है जिसमे उन्होंने मांग की इस पूरे मामले की जांच कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉ पवन भंडारी को शासकीय सेवा से बर्खास्त कर उचित कार्रवाई करें।

यह है पूरा मामला

18 नवंबर रात्रि एक बजे रतनगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम ढांगझर पंचायत देहपुर तहसील सिंगोली जिला नीमच निवासी दुर्गा बाई पति पप्पू लाल भील को गर्भ पीड़ा होने पर शुक्रवार देर रात परिजन रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर काफी समय इंतजार पश्चात डॉक्टर पवन भंडारी फार्मेसिस्ट द्वारा परिजनों को जांच व उपचार हेतु मना कर दिया गया। तब इलाज के अभाव में गर्भवती महिला को परिजन नीमच जिला अस्पताल ले जाने को निकले किंतु रास्ते में डिलीवरी होने पर समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण नवजात की मृत्यु हो गई। ड्यूटी स्टाफ की लापरवाही के कारण नवजात की मृत्यु होने पर परिजन व समाजजन इस कृत्य पर आक्रोशित है। जिसको लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति जावद तहसील अध्यक्ष सुरेश तावड़, संजय भील, रोहित भील, बद्री लाल भील, कंवर लाल भील ब्लॉक अध्यक्ष डोराई राजकुमार खराड़ी बांणदा रामलाल भील बोरदिया के नेतृत्व में नायब तहसीलदार मोनिका जैन टप्पा तहसील रतनगढ़ को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। और वर्तमान में जावद तहसील अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का तत्काल मुआयना कर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने की भी मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा घटित ना हो और पीड़ित आदिवासी परिवार को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि तत्काल दी जाए।

डॉक्टर एमबीबीएस फिरोज कथट कहना है कि 18 नवंबर को इस प्रकार की गर्भवती महिला को लेकर मुझे कोई ऐसी कोई जानकारी नहीं है और ना ही इस संबंध में मुझे कोई फोन कॉल आया।

फार्मेसिस्ट पवन भंडारी ने बताया कि 18 नवंबर को रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रात्रि 1 बजे गर्भवती महिला को लेकर कोई नहीं पहुंचा।

ड्यूटी स्टाफ नर्स मीनाक्षी बैरागी ने कहा कि 18 नवंबर रात्रि में मैं ड्यूटी पर मौजूद थी गर्भवती महिला को लेकर कोई नहीं पहुंचा।

परिजन जगदीश भील का कहना है कि मैं मेरी भाई की लड़की को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 18 नवंबर को रात्रि 1:15 पर पहुंचा वहां उपस्थित वार्ड बॉय को बताया फिर फार्मेसिस्ट पवन भंडारी ने बोल दिया यहां अभी कोई मौजूद नहीं है आप गर्भवती महिला को आगे ले जाओ।
नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट