मोदी के आने से पहले इस संभाग ने आदिवासियों के लिए किया यह बड़ा काम !

शहडोल, डेस्क रिपोर्ट। सरकार की योजनाओं का फायदा तब तक आम आदमी या जिनकें लिए योजना बनाई गई है, उन्हे पूरी तरह नहीं मिलता जब तक कि प्रशासनिक अमला खुद इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मैदान में न उतरे, शहडोल संभाग ने ऐसे ही मामलों में शानदार काम किया है और नजीर पेश की है, दरअसल राजस्व अभिलेख सुधार पखवाड़े में शहडोल संभाग के कमिश्नर राजीव शर्मा और उनके प्रशासनिक अमलें की वजह से जनजातीय कृषकों के चेहरों पर भी संतोष और राहत का भाव है। वनों और पहाड़ियों में अपने पसीने से खेती करते इन किसानों को घर बैठे भू-अधिकार पुस्तिका और अन्य दस्तावेज प्रदाय करने में राजस्व अमले ने कड़ी मेहनत की। 15 हजार से ज्यादा फ़ौती नामांतरण के प्रकरण निपटने से भोले भाले बैगा और गोंड किसानों के साथ-साथ सभी वर्गों के किसान ख़ुश हैं। सालों पुराने जमीनों के मामलें निपटे के बाद जनजातीय किसान भी बेहद खुश है।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने शहडोल प्रवास के दौरान राजस्व सेवा अभियान का शुभारंभ किया था। दिन रात की मेहनत के बाद संभागायुक्त राजीव शर्मा  ने सुदूर अंचलों का भ्रमण कर मैदानी वास्तविकता जानी और लगातार उन इलाकों का भी भ्रमण किया जहां के लोगों को नियमों तक की जानकारी नहीं थी, संभाग कमिश्नर राजीव शर्मा ने जब खोह गाँव में चार पीढ़ियों से लंबित बंटवारा प्रकरण समक्ष में निपटवाया तो इस जनजातीय इलाके के कृषकों में नया उत्साह पैदा हो गया।

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मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जब राजस्व विभाग ने राजस्व अभिलेख सुधार पखवाडा प्रारम्भ किया गया तो शहडोल संभाग की पहले से की गई तैयारी ऐसी काम आई कि संभाग अव्वल आ गया, अधिकारियों के चेहरों पर भी अव्वल आने की खुशी तो है लेकिन उससे ज्यादा संतुष्टि इस बात की है कि आदिवासियों के सालों पुराने मामलें सुलझ गए। उमरिया कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, शहडोल कलेक्टर वंदना वैद्य और अनूपपुर कलेक्टर सोनिया मीणा के नेतृत्व में जिलों की राजस्व मशीनरी उत्साह से काम में जुटी तो शहडोल संभाग प्रदेश में सबसे आगे हो गया। राजस्व अभिलेखों में सुधार से हजारों जनजातीय किसान अब शासकीय योजनाओं का लाभ ले सकेंगे जिनमें प्रधानमंत्री किसान सहायता योजना से लेकर उद्यानिकी, कृषि और रोजगार सम्बन्धी ढेरों लाभ हैं।