MP उपचुनाव 2020: इतिहास में भी यह 28 सीटें तय करती आई है प्रदेश में सत्ता का भविष्य

जिस भी पार्टी ने यह सीट जीती है प्रदेश में उसी की सत्ता कायम रही है। जिसने यह 28 सीटें जीती है उसका भाग्य का ताला खुला है

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 28 सीटों पर उपचुनाव (By-election) हो रहे हैं। प्रदेश की राजनीति (Politics) में इन 28 सीटों की अहम भूमिका रही है पिछले दो दशकों (Last 20 Years) का इतिहास (History) देखें तो इन 28 सीटों के पास सरकार (Government) बनाने की चाबी रही है। जिस भी पार्टी ने यह सीट जीती है प्रदेश में उसी की सत्ता कायम रही है। जिसने यह 28 सीटें जीती है उसका भाग्य का ताला खुला है। इन सीटों को तीन बार भाजपा (BJP) ने जीता और प्रदेश में हैट्रिक बनाई, वहीं एक बार यह कांग्रेस (Congress) के पास आई तो 15 साल की सत्ता एक झटके में बदल गई और कुर्सी पर कांग्रेस बैठ गई।

मध्य प्रदेश में सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने वाली इन्हीं 28 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। इन्हीं 28 सीटों पर 2003 में भाजपा ने 18 सीटें जीती और भाजपा की सरकार बनी। 2008 में भाजपा ने फिर 15 सीट जीतकर अपनी सरकार बना ली। 2013 में फिर भाजपा ने 28 में से 21 सीट पर कब्जा कर लिया और तीसरी बार सूबे में सरकार बनाई। 2018 में 28 सीटों में से 27 कांग्रेस के पास आ गई और सूबे की सरकार बदल गई। हाथ ने कुर्सी से कमल को उखाड़कर कमलनाथ को बैठा दिया। अब इन उपचुनाव में फिर से 28 सीटों पर सत्ता की चाबी है जो इन्हें जीतेगा उसकी किस्मत का ताला खुल जाएगा।

2018 में कांग्रेस की सरकार बनी। इन 28 सीटों में से 27 पर कांग्रेस उम्मीदवार जीते और एक भाजपा के उम्मीदवार के हाथ आई। 2013 में भाजपा की सरकार बनी 5 कांग्रेस उम्मीदवार जीते तो 21 भाजपा के उम्मीदवार जीते और सीटें बसपा के खाते में गई। 2008 में भाजपा की सरकार बनी 10 सीटें कांग्रेस के खाते में तो 15 सीटे भाजपा ने जीती और दो बसपा के पास गई एक जनशक्ति उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की। 2003 में भाजपा की सरकार बनी 7 कांग्रेस उम्मीदवार जीते 18 भाजपा उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। वहीं एक बसपा उम्मीदवार, एक निर्दलीय उम्मीदवार और एक राष्ट्रीय समानता दल के उम्मीदवार ने जीत हासिल की।

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इतिहास में पहली बार 28 विधानसभा सीटों (28 Vidhansabha Seat) पर एक साथ उपचुनाव (By-election) होने जा रहे हैं। प्रदेश में 3 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव से यह तय हो जाएगा कि सत्ता में कौन सी पार्टी रहेगी। सत्ताधारी दल भाजपा सरकार (BJP Government) में बनी रहेगी अथवा कांग्रेस (Congress) को मौका मिलेगा, इसके लिए मतों का गणित 10 नवंबर को होगा। उप-चुनाव के रण में मौजूदा सरकार के एक दर्जन मंत्री समेत कुल 355 उम्मीदवार मैदान में है। उनकी राजनीतिक किस्मत का बटन 3 नवंबर को दबाया जाएगा। चुनाव में सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग से 14 कंपनियां मध्य प्रदेश को मिली है। उसके अलावा जिला और होमगार्ड बल भी लगाया जाएगा|