पीएम मोदी का बड़ा ऐलान-अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा खेल रत्न अवॉर्ड

राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड (Rajiv Gandhi Khel Ratna Award) का नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड होगा। इसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने ट्वीट (PM Modi Tweet) कर दी है।

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। टोक्यो ओलंपिक खेलों  के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है।पीएम मोदी ने खेल रत्न (Khel Ratna Award) का नाम बदल दिया है। राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड (Rajiv Gandhi Khel Ratna Award) का नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड होगा। इसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने ट्वीट (PM Modi Tweet) कर दी है।आगामी चुनावों से पहले यह मोदी सरकार का बड़ा फैसला माना जा रहा है।

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पीएम मोदी (Prime Minister Narendra Modi)  ने ट्वीट कर लिखा है कि देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद  (Major Dhyan Chand Khel Ratna Award) जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है।जय हिंद!

शुक्रवार को पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा है कि ओलंपिक खेलों (Tokyo Olympic 2021) में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी (Hockey) में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है, जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

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पीएम मोदी के इस फैसले का मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan)  ने स्वागत किया है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा है कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने अद्भुत खेल से न सिर्फ सारी दुनिया का दिल जीता, बल्कि अपने देश को भी एक अलग पहचान दिलाई। खेल रत्न पुरस्कार मेजर ध्यानचंद जी के नाम पर रखना उन्हें सच्ची आदरांजलि है। इस निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का अभिनंदन करता हूँ।

बता दे कि मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है। उन्होंने अपने आखिरी ओलंपिक (बर्लिन 1936) में कुल 13 और एम्स्टर्डम, लॉस एंजेलिस और बर्लिन ओलंपिक को मिलाकर कुल 39 गोल दागे थे, जो कि अपने आप में एक इतिहास है।उनके जन्मदिन (29 अगस्त) को भारत के राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन हर साल खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न के अलावा अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाते हैं। इस अवॉर्ड की शुरुआत 1991-92 में की गई थी।