PM Modi का भावुक संदेश- अब आप सोशल मीडिया से हटा सकते हैं “मोदी का परिवार”, लेकिन हमारा संबंध मज़बूत और अटूट रहेगा

हम सभी के एक परिवार होने का संदेश प्रभावी ढंग से दिए जाने के बाद मैं एक बार फिर भारत के लोगों को धन्यवाद देता हूं और अनुरोध करता हूं कि अब आप अपनी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से "मोदी का परिवार" हटा दें। डिस्प्ले नाम बदल सकता है, लेकिन भारत की प्रगति के लिए प्रयासरत एक परिवार के रूप में हमारा बंधन मजबूत और अटूट बना रहेगा।

PM Modi

PM Modi’s family: इस बार लोकसभा चुनाव में बहुत कुछ ऐसा हुआ है जिसे लोग बरसों तक याद रखेंगे, राहुल गांधी का अडानी, अंबानी पर अटैक, संविधान ख़त्म, लोकतंत्र की हत्या जैसी बातें, कांग्रेस नेताओं द्वारा पीएम मोदी के लिए अपशब्दों का प्रयोग, इंडी गठबंधन के नेताओं द्वारा सनातन को गाली, भाजपा द्वारा कांग्रेस को देश विरोधी कहना, राहुल गांधी का लगातार मजाक उड़ाना आसानी से भुलाया नहीं जा सकेगा और इसी कड़ी में एक बात और ऐसी है जिसे लोग बरसों बरस याद रखेंगे..वो है “मोदी का परिवार”।

जब देश के करोड़ों लोग बन गए “मोदी का परिवार”

लोकसभा चुनावों के दौरान बिहार की राजधानी पटना में इंडी गठबंधन की रैली में लालू प्रसाद यादव द्वारा पीएम मोदी के परिवार पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी का ऐसा असर हुआ कि बड़ी संख्या में लोगों ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर अपने नाम के आगे “मोदी का परिवार” शब्द जोड़ लिया, इसने काम किया और NDA ने मोदी के नेतृत्व में फिर सरकार बना ली, अब पीएम मोदी ने मोदी का परिवार शब्द जोड़ने वालों का धन्यवाद देते हुए उनसे इसे हटाने का भावुक अनुरोध किया है।

PM Modi ने दिया सबको धन्यवाद 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा-  चुनाव अभियान के दौरान पूरे भारत में लोगों ने मेरे प्रति स्नेह के प्रतीक के रूप में अपने सोशल मीडिया पर “मोदी का परिवार” जोड़ा इससे मुझे बहुत ताकत मिली। भारत की जनता ने एनडीए को लगातार तीसरी बार बहुमत दिया है, जो एक तरह का रिकॉर्ड है और हमें अपने देश की भलाई के लिए काम करते रहने का जनादेश दिया है।

लिखा – “मोदी का परिवार” हटा दीजिये, लेकिन ये रिश्ता अटूट है  

उन्होंने लिखा-  हम सभी के एक परिवार होने का संदेश प्रभावी ढंग से दिए जाने के बाद मैं एक बार फिर भारत के लोगों को धन्यवाद देता हूं और अनुरोध करता हूं कि अब आप अपनी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से “मोदी का परिवार” हटा दें। डिस्प्ले नाम बदल सकता है, लेकिन भारत की प्रगति के लिए प्रयासरत एक परिवार के रूप में हमारा बंधन मजबूत और अटूट बना रहेगा।


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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