राज्य सरकार ने दी शराब की Home delivery को मंजूरी, आपको करना होगा ये

राज्य सरकार ने दी शराब की Home delivery को मंजूरी, आपको करना होगा ये

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट।  दिल्ली सरकार ने शराब (Liquor) की  होम डिलेवरी (Home Delivery) को मंजूरी दे दी है। नए नियम के मुताबिक देशी और अंग्रेजी शराब की होम डिलेवरी (Home Delivery) के लिए शराब (Liquor) के शौकीनों को मोबाइल एप पर या ऑनलाइन वेब पोर्टल पर जाना होगा और आर्डर करना होगा।

दिल्ली सरकार ने शराब नीति में संशोधन करते हुए अब शराब की होम डिलेवरी (Home Delivery) को मंजूरी दे दी है। इस आदेश के साथ दिल्ली सरकार ने कुछ शर्तें भी जोड़ी हैं जिसके मुताबिक शराब की होम डिलेवरी (Home Delivery) वही कर सकेगा जिसके पास L -13 लायसेंस होगा इसके अलावा एक और शर्त है कि शराब की होम डिलेवरी (Home Delivery)  किसी हॉस्टल, ऑफिस या संस्थान  में नहीं होगी ये केवल घर पर ही होगी।

गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में पिछले महीने लॉक डाउन के दौरान शराब की दुकानों पर भीड़ टूट पड़ी थी।  हालाँकि अभी लॉक डाउन में थोड़ी रियायत है लेकिन शराब की दुकाने बंद हैं।  लॉक डाउन के बाद शराब निर्माता कंपनियों ने  दिल्ली सरकार से अप्रैल में ही होम डिलेवरी की अनुमति के लिए कहा था उनका कहना था कि दुकानों  पर भीड़ लग रही है।

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शराब निर्माता घरेलू कंपनियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एल्कोहलिक बेवरेज कम्पनीज (सीआईएबीसी) ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा था कि कोरोना महामारी के बाद राज्य में पाबंदियां लगाई गई लेकिन राज्य सरकार ने शराब की होम डिलेवरी (Home Delivery) की अनुमति दी है।

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उधर छतीसगढ़ सरकार भी शराब की होम डिलेवरी (Home Delivery) की मंजूरी दे चुकी है।  राज्य में 10 मई से शराब की होम डिलेवरी (Home Delivery)  की जा रही है।  शराब की होम डिलेवरी (Home Delivery)  के लिए प्रदेश के आबकारी आयुक्त ने राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था जिसे राज्य सरकार  ने 8 मई को स्वीकार कर लिया था।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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