मौत के मुंह से बेटी को निकाल बाहर लाई पिता की जागरूकता

– टीबी से पीड़ित थी बेटी 

रायपुर।श्वेता शुक्ला। ग्राम पंचायत कांदाबानी के आश्रित गांव ठेंगाटोला के सुकलाल के बेटी बरतीन बाई उम्र 20 साल को टीबी जैसी जानलेवा बीमारी थी। बार-बार बुखार हो जाना और लगातार खासी आना।  बरतिन को बीमारी का पता नही था। वजन कम होते जा रहा था परिवार के लोग को चिंता बढ़ रही थी।

सुकलाल बताते हैं कि गांव में व्यापारी से घर का कोदो बेचकर पैसा जुगाड़ किया और अपने बेटी को पंडरिया के डॉक्टर पास ले गया जहां खून जांच किया तो कोई बीमारी पता नही चला दवाई पांच सौ से ऊपर लिखकर दे दिया फिर घर लेकर आ गया और दवाई को खिलाया महीने से ऊपर हो गया ठीक नही हुई।

फिर टीबी बीमारी के सर्वे में लक्षण एवं उपचार की प्रक्रिया को बताया तो जिला अस्पताल में सँजीवनी गाड़ी से जिला अस्पताल ले गए जहां जांच किया तो टीबी बीमारी निकली। दवाई दी गई महीने में दवाई खत्म होंने पर सुकलाल गाड़ी किराया कर पंडरिया अस्पताल जाता था पूरे महीने तक परेशानी उठाकर दवाई खिलाया।

अब स्वास्थ्य होने पर उसकी शादी बासाटोला में बलिराम युवक के साथ हुई है। आज सुखी जीवन बिता रही है सुकलाल बैगा ने अपने बेटी की दोबारा जिंदगी मिलने पर बहुत खुश है बताते है वो दिन याद करता हु तो बहुत दुख होता है बहुत कठिनाई से दवा लाना ओर गांव से 20 किलोमीटर  पैदल आकर नेउर में बस से जाना पड़ता है हमारे बैगा सगा ठीक से जांच नही करवाते है जिसके कारण कई लोग मौत हो जाता है।

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