30 अक्टूबर से शुरू होंगे इन 3 राशियों के बुरे दिन, राहु-केतु गोचर से बढ़ेगी मुश्किलें, इन उपायों से कम होगा प्रभाव

rahu ketu gochar

Rahu Ketu Gochar: 30 अक्टूबर को राहु और केतु मायावी ग्रह अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। राहु मेष राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। वहीं केतु तुला राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन मायावी ग्रहों के राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर पड़ेगा। किसी के लिए यह शुभ तो किसी के लिए अशुभ होता है। तीन ऐसी राशियाँ हैं, जिनके लिए आने वाला एक साल मुश्किलों से भरा हो सकता है। सेहत से जुड़ी समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं। धन हानि हो सकती है। हालांकि कुछ उपाय से इन प्रभावों को काम भी किया जा सकता है।

इन राशियों कि बढ़ेगी मुश्किलें

  • मीन राशि के जातकों के लिए राहु और केतु का गोचर शुभ नहीं होगा जातकों को मानसिक तनाव हो सकता है। धन हानि होने की संभावनाएं हैं। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। निवेश के लिए यह समय अनुकूल नहीं है। सेहत से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। वाद-विवाद से बचने की जरूरत है। गुस्से पर काबू रखें।
  • सिंह राशि के जातकों के लिए भी मायावी ग्रहों का गोचर अनुकूल नहीं होगा। धन हानि होने की संभावनाएं हैं। वाणी पर संयम रखें। सेहत खराब होने की संभावनाएं हैं। कहीं भी निवेश करने निवेश करने या किसी को उधार देने से पहले विचार विमर्श जरूर करें।
  • कन्या राशि के जातकों के लिए भी राहु और केतु का गोचर शुभ नहीं रहेगा वैवाहिक जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं ।सेहत को लेकर तनाव हो सकता है। निवेश के लिए यह समय अनुकूल नहीं है। सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें ।

इन उपायों से कम होगा प्रभाव

  • राहु और केतु की अशुभ दशा से बचाव के लिए बुधवार के दिन जौ, सरसों, तिल, चावल, साबुत मूंग, कंगुनी, चना और गेहूं, नील और भूरे रंग के वस्त्र, गोमेद रत्न, कांच की चीजों का दान रात के समय करें।
  • राहु और केतु ग्रह को शांत करने के लिए घर में शेषनाग के ऊपर नृत्य कर रहे भगवान श्री कृष्ण की तस्वीर लगाएं। प्रतिदिन इसकी पूजा करें। इस दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” मंत्र का जब 108 बार करें।
  • पंचमुखी भगवान शिव के सामने बैठकर रुद्राक्ष की माला का जाप करें। इस दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। करने से राहु केतु का दुष्प्रभाव कम होता है।
  • राहु ग्रह के प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन गोमेद रत्न धारण करना शुभ माना जाता है। वहीं केतु ग्रह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए बुधवार के दिन अश्वगंधा और 9 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो मान्यताओं और अन्य माध्यम पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

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Manisha Kumari Pandey

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