BJP को एक और झटका, भिंड विधायक ने बगावत कर सपा से भरा नामांकन

भिंड|  जिले की पांच विधानसभाओं के लिए प्रदेशभर के साथ यहां भी नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया संपन्न हो गई । जिला मुख्यालय की भिंड विधानसभा सीट की बात करें तो यहां से भाजपा के विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने अपनी ही पार्टी से बगावत करके अब समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है | नरेंद्र सिंह कुशवाह एक बार पहले भी भाजपा से बगावत कर के सपा से चुनाव लड़ चुके हैं और उन्हें 26 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे । भिंड की ही बात करें तो यहां से आज भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चौधरी राकेश सिंह ने नामांकन दाखिल किया । बहुजन समाज पार्टी से संजीव सिंह कुशवाह ने नामांकन दाखिल किया है । संजीव सिंह कुशवाह भाजपा से 5 बार सांसद रहे डॉ राम लखन सिंह के सुपुत्र हैं और वे एक बार भिंड जिला पंचायत की नुमाइंदगी भी कर चुके हैं। कांग्रेस से यहां डॉ रमेश दुबे मैदान में उतरे हैं यह कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष भी है।

दूसरे क्रम पर सुरक्षित गोहद विधानसभा की बात करें तो यहां से राज्य शासन में राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने भाजपा से पर्चा भरा है तो वहीं कांग्रेस ने रणवीर जाटव को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां भी सुनील शेजवार सहित कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बगावत का रास्ता अपनाया है और रणबीर जाटव के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है । रणवीर जाटव ज्योतिरादित्य सिंधिया के विश्वस्त बताए जाते हैं और इन दिनों लहार विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह उनसे भारी खफा चल रहे हैं।

मेहगांव विधानसभा की बात करें तो भाजपा ने मेहगांव के विधायक मुकेश सिंह चतुर्वेदी का टिकट काटकर एक बार पूर्व में बगावत करने वाले राकेश शुक्ला को मैदान में उतारा है राकेश शुक्ला इससे पहले दो बार भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर विजय हो चुके हैं और इस विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं यहां से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में ओ पी एस भदौरिया मैदान में होंगे तो वहीं बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर  कौशल तिवारी का नाम सामने आया है इन्होंने भी आज पर्चा दाखिल कर चुनाव मैदान में उतरने के लिए ताल ठोक दी है। यहां से एक और बड़ा नाम लोकतांत्रिक समता समाज पार्टी से राजकुमार सिंह कुशवाहा का है जिन्होंने पिछले चुनाव में 20 हजार से अधिक मत प्राप्त किए थे । ज्ञात हो कि इस पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री के रूप में पदस्थ हैं।


अटेर में कटारे और भदौरिया 

अटेर विधानसभा की बात करें तो यहां से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के उपाध्यक्ष अरविंद सिंह भदोरिया एक बार फिर से मैदान में है और कांग्रेस ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे स्वर्गीय सत्यदेव कटारे के बेटे हेमंत कटारे को एक बार फिर से चुनाव मैदान में उतारा है वर्तमान में हेमंत कटारे यहां से कांग्रेस के विधायक हैं इन दोनों के अलावा यहां कोई दमदार प्रत्याशी नहीं है ।

लहार में रोचक मुकाबला 

अंत में लहार विधानसभा की बात करें तो यह विधानसभा कांग्रेस का गढ़ कही जाती है यहां से डॉक्टर गोविंद सिंह पिछले 5 बार से लगातार विधायक हैं और इस बार एक बार फिर से वह मैदान में है । यहां से भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती के विश्वस्त कहे जाने वाले पूर्व विधायक रसाल सिंह को मैदान में उतारा है और यहां की लड़ाई इस बार रोचक इसलिए हो जाती है क्योंकि एक ओर जहां रसाल सिंह का साथ पूर्व विधायक मथुरा महंत दे रहे हैं तो दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर भाजपा से बगावत कर के कद्दावर नेता अमरीश शर्मा चुनाव मैदान में उतरे हैं।


बड़ी संख्या में भरे गए नामांकन,,डमी प्रत्याशियों का रहा बोल वाला

भिंड अटेर विधानसभा से आधा आधा सैकड़ा से अधिक प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए हैं ऐसी खबर आ रही है इनमें से अधिकांश प्रत्याशी ऐसे हैं जोकि भाजपा और कांग्रेस के डमी प्रत्याशियों के तौर पर मैदान में केवल इसलिए उतरे हैं जिससे कि इन कद्दावर पार्टियों के नेताओं को वाहन चलाने का लाभ अधिक से अधिक मिल सके और अधिक से अधिक एजेंट बनाकर वह पोलिंग स्टेशनों पर बिठा सकें और मतगणना के दौरान भी अधिक से अधिक एजेंट मतगणना कक्ष के अंदर प्रवेश कर सकें इस तरह से डमी प्रत्याशी उतारने का सिलसिला पिछले कई चुनावों से देखने को मिल रहा है और इस बार यह बात सामने आई है कि एक एक बड़ी पार्टी का प्रत्याशी कई निर्दलीय लोगों को इस काम के लिए अपना डमी प्रत्याशी बना रहा है जिससे कि वह चुनाव मैदान में भारी वाहनों के साथ उतर सके और बड़ी व्यापक संख्या में डमी प्रत्याशियों के नाम पर अपनी पार्टी का और अपना प्रचार प्रसार कर सके।

नामांकन दाखिल करते भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह चतुर्वेदी


उत्साहित समर्थकों को रोकते बागी भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह