प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों को लेकर कमलनाथ ने उठाए सवाल

भोपाल।

प्रदेश में बदमाशों के हौंसले बुलंद है, जिसके चलते आए दिन दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही है। हाल ही में राजधानी में दर्जनों भर रेप की वारदाते सामने आई है। इसके लिए शिवराज सरकार द्वारा कानून भी बनाया गया है,लेकिन अब तक उस पर केन्द्र की मोहर नही लग पाई है। प्रदेश में बढ़ती छेड़छाड़ और रेप वारदातों को लेकर कांग्रेस ने एक बार शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा है कि प्रदेश में दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाएं जारी है, इसके बावजूद महिला अपराधों को रोकने के लिए कानून बनाने वाले शिवराज मौन है।

दरअसल, कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर ट्वीटर के माध्यम से हमला बोला है।कमलनाथ ने लिखा है कि मासूम बच्चियों  के साथ छेड़छाड़ की व दुष्कर्म की घटनाएँ प्रदेश भर में जारी.. 4 दिसंबर को मासूमों से दुष्कर्म पर फाँसी का विधेयक विधानसभा से पारित होने पर मात्र पर ही 14 दिसंबर को ख़ुद का अभिनंदन करवा चुके शिवराज , तीन माह बीत जाने पर भी इस पर मौन है ?


आगे उन्होंने लिखा है कि बता नहीं रहे है कि यह विधेयक क़ानून की शक्ल कब लेगा या शिवराज की अन्य घोषणाओं की तरह , जुमला बन कर रह जायेगा..?


गौरतलब है क‍ि बीते नवंबर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। यहां की शिवराज स‍िंह सरकार ने अब रेपि‍स्‍ट को फांसी द‍िए जाने का कानून बनाया है। कैबि‍नेट ने भी 12 साल तक की बच्चियों से रेप करने वाले को फांसी की सजा द‍िए जाने वाले प्रस्‍ताव पर अंति‍म मुहर लगा दी है। वहीं किसी भी उम्र की महिला से गैंगरेप के मामले में रेप‍िस्‍टों को मौत की सजा देने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इसके अलावा यहां रेपि‍स्‍टों को सजा और जुर्माना बढ़ाने के लिए दंड संहिता संशोधन को भी मंजूरी म‍िल चुकी है।  संशोधन विधेयक के मुताबिक, 12 साल तक की बच्ची के साथ दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो नई धाराओं 376 एए और 376 डीए लागू कर मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। अधिकतम सजा फांसी दी जा सकती है। इसके अलावा विवाह करने का झांसा देकर संबंध बनाने और उसके खिलाफ शिकायत प्रमाणित होने पर नई धारा 493ए बनाकर इसे दंडनीय बनाया गया है।


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