सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अंतिम फैसले तक प्रमोशन में आरक्षण दे सकती है सरकार

नई दिल्ली| प्रमोशन में आरक्षण के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है|  सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि जब तक संविधान पीठ इस पर अन्तिम फैसला नहीं ले लेती, तब तक सरकार प्रमोशन में आरक्षण को लागू कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला संविधान पीठ में है, इसलिए इसपर आखिरी फैसला लेने का अधिकार उन्हीं के पास है| संविधान पीठ जब तक इस मामले में फैसला नहीं लेती है तब तक केंद्र सरकार एससी/एसटी सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देती रहेगी|

सरकार की ओर से अतिरिक्त सलिसिटर जनरल (एसएसजी) मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कमर्चारियों को प्रमोशन देना सरकार की जिम्मेदारी है। पदोन्‍नति में आरक्षण को लेकर विभिन्न हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण कई विभागों में सरकारी कर्मचारियों के पदोन्‍नति के मामले लटके हुए हैं। कोर्ट ने अहम फैसला देते हुए अन्य सभी मुकदमों को एक साथ कर दिया है, अब इनकी सुनवाई संविधान पीठ करेगी।   कोर्ट ने कहा कि सरकार आखिरी फैसला आने से पहले तक कानून के मुताबिक एससी/ एसटी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण दे सकती है। 

बता दें कि सरकारी नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर विभिन्न हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण कई विभागों में सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं मिल रहा था।  यूपीए सरकार के समय से ही प्रमोशन में आरक्षण को लेकर काफी घमासान चल रहा है। कार्मिक विभाग ने 30 सितंबर 2016 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगा दी गई थी| इसके बाद से दलित समाज से आने वाले सरकारी कर्मचारी प्रमोशन के लिए लगातार दबाव बना रहे थे|