Breaking News
अविश्वास प्रस्ताव के समय लोकसभा में कमलनाथ की गैरमौजूदगी के मायने | VIDEO : ये कैसा स्वच्छ भारत...शर्मसार एमपी | कविता रैना हत्याकांड : हाईकोर्ट ने सरकार को दिया सीबीआई जांच कराने का हक | पूर्व सांसद की पत्नी के बैग से मिले जिंदा कारतूस, मचा हड़कंप | शिवराज जी, मेरे देश द्रोही होने के प्रमाण हो तो मुझे सजा दिलवाएं, नही तो माफी मांगे : दिग्विजय | बड़ी खबर : आज से ट्रांसपोर्टर्स की देशव्यापी हड़ताल, थमे 90 लाख ट्रकों के पहिए | भोपाल के फिल्टर प्लांट से गैस लीक, मची अफरा-तफरी, सांस लेने में लोगों को हो रही दिक्कत | VIDEO: यशोधरा बोलीं..'मेहनत हमारी, वोट हाथी को' | सत्ता मद में चूर भाजपा सिंधिया के खिलाफ कर रही झूठा प्रचार : कांग्रेस विधायक | शिवराज की नजर में ..दिग्विजय 'देशद्रोही' की श्रेणी में |

बाबा रामदेव की बात से आगबबूला हुई उमा भारती, पत्र लिखकर निकाली भड़ास

नई दिल्ली।

योगगुरु रामदेव द्वार  केन्द्रीय मंत्री नीतिन गड़करी की उमा भारती के काम से तुलना करना भारी पड़ गया है। उमा भारती अब उनसे नाराज हो गई है और उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बाबा रामदेव को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि उनके  मुंह से निकला ऐसा कोई भी जुमला उन्हें  नुकसान पहुंचा सकता है।

दरअसल, लंदन में एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान गंगा स्वच्छता कार्यक्रम के संदर्भ में उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा था कि उमा जी की फाइल आफिस में अटक जाती है जबकि गडकरी जी की फाइल नहीं अटकती।देश में सबसे ज्यादा किसी मंत्री का काम दिखता है तो वह नितिन गडकरी का है।जिस पर उमा ने पत्र लिखकर नारजगी जताई है।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि लंदन में टेम्स नदी के किनारे से आपने गंगा पर अपने विचार व्यक्त किए।  मुझे आपके द्वारा गंगा की विवेचना करते समय दो मंत्रियों की तुलना करना अजीब लगा। मैं स्वयं भी नितिन गडकरी जी की प्रशंसक हूं, साथ ही उनकी संगत में काम करके में गर्व महसूस करती हूं। पूरी दुनिया के सामने लंदन से एक टीवी चैनल पर मेरे बारे में चर्चा करते समय शायद यह आपको ध्यान नहीं रहा कि आप मुझे निजी तौर पर आहत और मेरे आत्मसम्मान पर आघात कर रहे हैं।  इस योजना में शुरू से ही नितिन जी भागीदारी रहे हैं। अब वे मेरी भी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं। गंगा पर पहले जो हुआ उसमें उनकी भूमिका थी, अब जो हो रहा उसमें मेरी भूमिका है। इसमें तुलना नहीं हो सकती। 

उन्होंने लिखा है कि  आठ साल की उम्र से अभी तक इन 50 सालों में घोर परिश्रम, विचारनिष्ठा और राष्ट्रवाद मेरी शक्ति है। यही मेरी विश्ववसनीयता के आधार रहे. इसी से देश की राजनीति में, भाजपा और संगठन में मुझे उचित स्थान मिले। चालाकी, चापलूसी और साजिश मुझे आती नहीं। इसके बिना ही मेरा काम चल गया और आगे भी चल जाएगा।पहले प्लानिंग की स्टेज थी और अब क्रियान्वयन की स्टेज है। 2019 तक गंगा के संबंध में प्रधानमंत्री जी संकल्प पूरा कर देंगे।गंगा पर किए गए कार्य से मुझे संतोष है। नितिन गडकरी भी इसकी प्रशंसा करते हैं।

उमा ने बाबा रामदेव को अपना मार्गदर्शक बताते हुए उन्हें याद दिलाया कि आपके मुंह से निकला कोई भी जुमला मुझे हानि पहुंचा सकता है। पत्र के अंत में उन्होंने ये भी कहा कि मेरा जीवन तो गंगा से जुड़ चुका है। अपनी जान पर खेलकर भी गंगा का कार्य करके रहूंगी और रिवर लिंकिंग योजना को भी लागू करवाकर रहूंगी।


बाबा ने किया ट्वीट 

उमा के इस पत्र पर बाबा रामदेव ने ट्वीट किया है और कहा है कि उनका इरादा उन्हें आहत करने का नही था। बाबा ने ट्वीट कर लिखा है कि पूज्य उमा भारती जी के साथ मेरा आध्यात्मिक भाई-बहन का संबंध है। उनके सम्मान को आहत करने की मेरी कोई मंशा नहीं थी। मेरा मकसद गंगा की कार्ययोजना पर उन्हें आ रही प्रारम्भिक व प्रशासनिक कठिनाइयों की ओर इशारा करना भर था। उनकी गंगा-निष्ठा, धर्म-निष्ठा और राष्ट्र-निष्ठा प्रशंसनीय है।



  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...