कार्तिकेय ने भी अमरीका से बेहतर बताई एमपी की सड़के

सीहोर

मुख्यमंत्री शिवराज इन दिनों प्रदेश में जनआशीर्वाद यात्रा निकाल रहे है और जनता के बीच जा-जाकर बता रहे है कि भाजपा सरकार मध्य प्रदेश के शहरों को अमेरिका के शहरों से भी बेहतर बनाएगी।अब इसी बात को उनके बेटे कार्तिकेय ने भी दोहराया है।कार्तिकेय ने भी प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छी बताया।बता दे कि चुनाव आते ही कार्तिकेय भी मैदान में उतर चुके है, वे लगातार लोगों के बीच पहुंच कर अपनी सक्रियता बढ़ा रहे है।  इससे पहले बीते साल की शुरूआत में जब शिवराज ने नर्मदा सेवा यात्रा निकाली थी तो कार्तिकेय उसमें काफी सक्रिय दिखााई दिए थे। 

दरअसल, मंगलावर को कार्तिकेय विधानसभा क्षेत्र सीहोर के नसरुल्लागंज में पहुंचे थे। जहां मिलन गार्डन में कार्यकर्ताओं और जनसमूह को संबोधित करते हुए और मीडिया को चैलेंज करते हुए कहा कि अमेरिका से सौ प्रतिशत अच्छी सडके मध्यप्रदेश मे है । मैं खुद अमेरिका गया हूं । वह मैंने देखा है कि कैसी सड़के हैं । सरकार ने मध्यप्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया है । मैं भी चुनावी अंदाज में हूं और अपने कमचारियो भाईयो से बात कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज बुधनी विधानसभा से चुनाव नहीं लड़ेंगे ।अभी तक बुधनी विधानसभा की जनता चुनाव लड़ती आई है और यही जनसेवा करती है ।इसको कोई मिटा नहीं सकता। आगे भी जनता ही चुनाव लड़ेंगी।

वही कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कार्तिकेय ने कहा कि कांग्रेस के लोग भ्रम फैला रहे है।  प्रदेश के किसान कभी आदोलन नही करते है।उन्होंने कांग्रेसियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेसी लोग कान खोल के सुन ले, हम कभी भी तुम्हें सफल नहीं होने देंगे। प्रदेश की जनता प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ है और हमेशा रहेगी।

गौरतलब है कि चुनाव आते ही मध्यप्रदेश की राजनीति में वशंवाद की नई खैप तैयार हो गई है। आगामी विधानसभा चुनाव में वंशवाद की ये राजनीति भी नजर आएगी। अब जो नए चेहरे आने वाले है, उनमें मुख्यमंत्री शिवराज  के बेटे कार्तिकेय चौहान का नाम सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि विधानसभा का चुनाव कार्तिकेय लड़ने की लिए पूरी तरह तैयार है। पिछली बार शिवराज ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और माना जा रहा है कि उन्हीं में से एक सीट पर कार्तिकेय को मौका मिलेगा।चुनाव नज़दीक आते ही शिवराज पुत्र मैदान में सक्रिय हो गए हैं और लोगों की बीच पहुंचकर पिता के दावों और घोषणाओं पर सुर में सुर मिला रहे है।