जब सरपंच ने गांव के वोटर को खिलाई गंगा की सौगंध, रखाया आग पर हाथ, पूछा किसे दिया वोट? मामला पहुंचा थाने

Damoh news

Damoh News: मध्यप्रदेश में चुनाव के बाद नई सरकार बन चुकी है। नए मंत्रिमंडल और मुख्यमंत्री द्वारा कामकाज भी शुरू हो चुका है। लेकिन अभी भी चुनावी रंजिशों के कुछ मामले सामने आ रहे हैं। दमोह से एक अजीब मामला सामने आया है। जहां एक वोटर को दबंगो के सामने अग्नि परीक्षा देनी पड़ी। गंगा की सौगंध भी खानी पड़ी। यह मामला पुलिस तक पहुंचा चुका है। जांच भी शुरू हो चुकी है।

ये है पूरा मामला

दरसल, दमोह जिले के हिंडोरिया पुलिस थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हलगज गावँ के एक युवक खिलान रैकवार ने दमोह एसपी के पास एक शिकायत दर्ज करवाई है। युवक का कहना है कि गावँ के दबंग सरपंच मतदान की गोपनीयता भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। जबरन यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि “मैंने वोट किसे दिया”, न बताने पर गाली-गलौच के साथ घर पर बुलडोजर चलाने की धमकी भी दी है। खिलान के मुताबिक गावँ के सरपंच और जिला लोधी क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष हाकम सिंह ने उसे बुलाया और विधानसभा चुनाव में वोट किसे दिया यह जानना चाहा। लेकिन वोटर खिलान ने जवाब देने से मना किया तो आग पर हाथ रखने और फिर गंगा की सौगंध खाने का दबाव बनाया। सरपंच से इस हरकत से आहत युवक उस पर कानूनी कार्रवाई की मांग थाने पहुंचा।

आरोपों के घेरे में इलाके के कद्दावर नेता

युवक ने इलाके के जनपद सदस्य और भाजपा के नेता पप्पू सिंह के साथ एसपी दमोह के ऑफिस पहुंचा और उसने एडिशनल एसपी से मुलाकात करके एक शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि आरोपों के घेरे में आ रहे हाकम सिंह लोधी इलाके के कद्दावर नेता हैं, भाजपा से लंबे समय तक जुड़े रहने के बाद हाल ही के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हाकम सिह ने कांग्रेस का दामन थामा था। इसके अलावा वह लोधी क्षत्रिय समाज के बड़े नेता के रूप में जाने जाते हैं।

पुलिस ने क्या कहा?

इस शिकायत के बाद एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा का कहना है कि मतदान की गोपनीयता भंग कराना कानूनन अपराध है। इसके लिए उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को जानकारी देने के साथ-साथ पुलिस अधिकारी को जांच का आदेश दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद विधिवत कार्यवाही की जाएगी।

दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News