बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने काली मंदिर में मूर्ति को तोड़ा, पढ़ें पूरी खबर

बांग्लादेश में 7 अक्टूबर की रात करीब 4 बजे कट्टरपंथियों ने झेनैदाह जिले के दौतिया गांव में स्थित काली मंदिर में घुसकर अति प्राचीन मूर्तियों को तोड़ डाला। पढ़ें पूरी खबर विस्तार से

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट | बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल, बीते शुक्रवार यानि 7 अक्टूबर की रात करीब 4 बजे कट्टरपंथियों ने झेनैदाह जिले के दौतिया गांव में स्थित काली मंदिर में घुसकर अति प्राचीन मूर्तियों को तोड़ डाला। बता दें कि यह घटना दुर्गा पूजा खत्म होने के महज 24 घंटे के भीतर की है। अंग्रेजों के जमाने से इस मंदिर में पारंपारिक रुप से पूजा होती चली आ रही है, जिसे अज्ञात आरोपियों ने तोड़ डाला। केवल इतना ही नहीं आरोपियों ने प्रतिमाओं के टूकडें को बीच सड़क में भी फेंक दिया, जिससे हिंदू समाज के लोगों की आस्था को गहरा ठेस पहुंचा है। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर प्रबंधक ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें – Indian Air force Day 2022 : 90 साल की हुई भारतीय वायुसेना, स्थापना दिवस पर चंडीगढ़ में फ्लाई पास्ट

मंदिर समिति के अध्यक्ष सुकुमार कुंडा ने वहां के स्थानीय मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, “यह काली मंदिर औपनिवेशिक काल से ही हिंदुओं का पूजा स्थल रहा है। हमला रात 3 से 4 बजे के बीच हुआ। मंदिर में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, इसलिए हमलावर बिना किसी डर के मूर्तियों को खंडित कर पाए। यह घटना बांग्लादेश में 10 दिवसीय दुर्गा पूजा खत्म होने के 24 घंटे के अंदर हुई है और ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना है क्योंकि पूरे देश में इन 10 दिन में कोई घटना नहीं हुई। पिछले साल की तुलना में इस साल दुर्गा उत्सव काफी शांति से मनाया गया।”

यह भी पढ़ें – Acer ने लॉन्च किया दुनिया का सबसे हल्का लैपटॉप, जानें कीमत और फीचर्स

वहीं, बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद के महासचिव चंदनाथ पोद्दार ने बताया, ”घटना रात में झेनैदाह के मंदिर में हुई। प्रख्यात ढाका विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर पोद्दार ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना कहा क्योंकि पूरे देश में दस दिवसीय उत्सव में कोई व्यवधान पैदा नहीं हुआ।” जबकि झेनाइदाह पुलिस के सहायक अधीक्षक अमित कुमार बर्मन ने कहा कि, ”मामला दर्ज कर लिया गया है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।”

यह भी पढ़ें – पहली बार ग्वालियर चंबल में होगी BCCI टूर्नामेंट की मेजबानी, इतने दिन में होंगे 15 मैच

पिछले साल भी बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के दौरान कट्टरपंथियों ने उत्पात मचाया था। दरअसल, पिछले साल चांदपुर जिले में अज्ञात आरोपियों ने हिंदू मंदिर पर बंदूक से हमला कर दिया था। इस घटना में 3 लोगों की हत्या कर दी गई थी। बता दें कि बांग्लादेश में करीब 16 करोड़ 90 लाख की आबादी है जिसमें से हिंदूओं की संख्या मात्र 10 प्रतिशत हैं इसलिए आए दिन हिंदूओं को ऐसी घटनाओं का शिकार होना पड़ता है। एक  रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में सुरक्षा और आर्थिक रुप से परेशान होने के कारण हर दिन करीब 750 हिंदू बांग्लादेश से पलायन कर रहे हैं। जिनमें से ज्यादातर हिंदू भारत आने की कोशिश करते हैं।

यह भी पढ़ें – UP Weather: मौसम में बदलाव, 49 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 2 दिन स्कूल बंद, जानें विभाग का पूर्वानुमान