सोमवार की रात, पूरी दुनिया के खगोल प्रेमियों के लिए एक रात रही। दरअसल न सिर्फ खगोल प्रेमियों के लिए साथ ही आम दर्शकों के लिए भी काफी खास रही। जानकारी के अनुसार सोमवार की रात आकाश में एक शानदार खगोलीय घटना का अनुभव किया गया। दरअसल यह अद्भुत घटना पर्सिड उल्का वर्षा (Perseid Meteor Shower) की थी, जिसने रात में आकाश को चमकदार उल्काओं से चमका दिया।
क्या है पर्सिड उल्का वर्षा?
दरअसल पर्सिड उल्का वर्षा एक वार्षिक खगोलीय घटना है, जो हर साल अगस्त के महीने में देखने को मिलती है। यह उल्का वर्षा तब होती है जब पृथ्वी स्विफ्ट-टटल (Swift-Tuttle) धूमकेतु द्वारा छोड़े गए मलबे के क्षेत्र से गुजरती है। बता दें कि इस मलबे में बर्फ, चट्टान और धूल के छोटे-छोटे कण होते हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही जलने लगते हैं और उल्काओं के रूप में दिखाई देते हैं।
जानकारी के अनुसार स्विफ्ट-टटल धूमकेतु को आखिरी बार 1992 में पृथ्वी के आकाश में देखा गया था। इसके बाद से, यह धूमकेतु हर साल पर्सिड उल्का वर्षा का प्रमुख कारण बनता है, जो खगोल प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण और रोमांचक घटना होती है।
बता दें कि सोमवार की रात, इस खगोलीय घटना का शानदार दृश्य विश्व के विभिन्न हिस्सों में देखा गया। तुर्की, स्विट्जरलैंड और बोस्निया जैसे देशों में हजारों लोग इस अद्वितीय नजारे का आनंद लेने के लिए एकत्र हुए।
वहीं तुर्की के दक्षिण-पूर्व में स्थित माउंट नेमरूत के ऊपरी हिस्सों में पर्सिड उल्का वर्षा का मनमोहक दृश्य देखा गया। यह क्षेत्र अपनी प्राचीन मूर्तियों और स्मारकों के लिए जाना जाता है, जो 7,000 फीट की ऊंचाई पर एक मकबरे में स्थित हैं। इसके साथ ही स्विट्जरलैंड में भी इस खगोलीय घटना का दृश्य देर रात को देखा गया। यहां के पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों ने आसमान में उल्काओं के चमकदार रास्तों को गुजरते हुए देखा।