Recipe: सीक्रेट इज़ आउट! साउथ इंडियन स्टाइल में ऐसे बनाएं नारियल की टेस्टी चटनी

Recipe: नारियल की चटनी, दक्षिण भारतीय व्यंजनों का एक अनमोल रत्न है। यह न केवल स्वादिष्ट और खुशबूदार होती है, बल्कि इसे बनाना भी बहुत आसान है। आज हम आपके साथ नारियल की चटनी बनाने का सीक्रेट साझा करने जा रहे हैं, जिससे आप होटल जैसी टेस्टी चटनी घर पर ही बना सकेंगे।

भावना चौबे
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Recipe: नारियल की चटनी, दक्षिण भारतीय व्यंजनों का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो अपनी स्वादिष्टता और खुशबू के लिए जाना जाता है। यह ताज़े नारियल, हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, जीरा, राई और करी पत्ते से बनाई जाती है। नारियल की चटनी को बनाने में आसान, पौष्टिक और स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के साथ परोसी जा सकती है, जैसे कि इडली, डोसा, उपमा, वड़ा, और सांभर।

यह चटनी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। नारियल में मौजूद स्वस्थ वसा, फाइबर और विटामिन शरीर को कई लाभ प्रदान करते हैं। हरी मिर्च में मौजूद विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जबकि अदरक और लहसुन पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। साउथ इंडियन नारियल की चटनी, घर पर आसानी से बनाई जा सकती है, और यह निश्चित रूप से आपके भोजन में स्वाद और खुशबू का तड़का लगा देगी।

कैसे बनाएं साउथ इंडियन स्टाइल नारियल की चटनी

सामग्री:

1 कप कद्दूकस किया हुआ नारियल
1/2 कप हरी मिर्च
1 इंच अदरक का टुकड़ा
2-3 लहसुन की कलियां
1/2 छोटा चम्मच जीरा
1/4 छोटा चम्मच राई
1/4 छोटा चम्मच हींग
1/4 कप करी पत्ता
1/2 कप पानी
नमक स्वादअनुसार
तेल तड़के के लिए

विधि:

1. एक मिक्सर में नारियल, हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, जीरा, राई और हींग डालकर पीस लें।
2. थोड़ा पानी डालकर फिर से पीस लें।
3. एक पैन में तेल गरम करें और उसमें करी पत्ता डालकर तड़का लगाएं।
4. तड़के को चटनी में डालें और नमक मिलाएं।
5. चटनी को अच्छी तरह मिलाकर 5 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।
6. ठंडा होने के बाद इडली, डोसा या उपमा के साथ परोसें।

सुझाव:

1. आप अपनी पसंद के अनुसार हरी मिर्च की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं।
2. आप चटनी में थोड़ा सा नींबू का रस भी मिला सकते हैं।
3. आप चटनी को अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें थोड़ा सा भुना हुआ उड़द दाल भी मिला सकते हैं।


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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