Bhopal News : 48 घंटे के अंदर अपहरण नाबालिग लड़की को पुलिस ने खोज निकाला, परिजनों को किया सुपुर्द

पुलिस इन पर लगाम नहीं लगा पा रही है। जुआ और सट्‌टा चौक चौराहों पर आम हो चला है, ऐसे में अपराध की संख्या बढ़ रही है। उनका कहना है आने वाले दिनों में पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर इन सब की जानकारी देंगे।

Amit Sengar
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Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दिनोंदिन क्राइम बढ़ रहा है और इसे कम करने के लिए पुलिस के आला अधिकारी जी जान से लगे हुए है, वहीं बैरागढ़ में एक नाबालिग लड़की का अपहरण होने के बाद पुलिस ने उसे 48 घंटे में ढूंढकर उनके परिजनों के हवाले कर दिया।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि 21 जून को बैरागढ़ की रहने वाली फरियादिया संतोषी जाटव पति स्व. ओमप्रकाश जाटव उम्र 40 साल निवासी डाक्टर लीला गुलानी के पास बैरागढ भोपाल ने थाना आकर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध उसकी नाबालिग पुत्री उम्र 17 साल को बहला फुसलाकर कर अपहरण कर ले जाने की रिपोर्ट पर थाना बैरागढ मे दर्ज की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी बैरागढ अनिल शुक्ला के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी बैरागढ के नेतृत्व में टीम गठित कर अपहृता बालिका की तलाश की गई,तलाश के दौरान करीबन 48 घण्टे के उपरांत दिनाँक 23.06.24 को लोकेशन प्राप्त होने पर टीम को तत्काल थाना अरेरा हिल्स क्षेत्र मे रवाना किया गया जो अपहृत बालिका ठंडी सडक हनुमान मंदिर के पास रोड किनारे पर मिली जिसे महिला आरक्षक की उपस्थिति मे नाम पता पूछकर साथ लेकर थाना लेकर आकर और उसके बयान दर्ज कर सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैरागढ़ के मुख्य मार्ग पर स्थित पान, शॉप, होटल और छोटी-छोटी दुकाने खुली रहती है, जिस पर असामाजिक तत्व शराब का सेवन भी करते है और इन्ही दुकानों से वे सामान भी खरीदते है। बैरागढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक मारन का कहना है कि यहां पर लॉ एंड आर्डर की स्थिति बिगड़ी हुई है, आए दिन चोरी और अपराधिक घटनाऐं हो रही है, पुलिस इन पर लगाम नहीं लगा पा रही है। जुआ और सट्‌टा चौक चौराहों पर आम हो चला है, ऐसे में अपराध की संख्या बढ़ रही है। उनका कहना है आने वाले दिनों में पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर इन सब की जानकारी देंगे।

भोपाल से रवि कुमार की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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