Yoga Day 2024:  MP के इस कॉलेज में 18 से 21 जून तक होगा योग महाकुंभ, बच्चों से लेकर वृद्धजनों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम

कार्यक्रम में लोगों को सहभागी बनाकर उनकों न सिर्फ अपनी समस्याओं के साथ जीना बल्कि समस्या रोकने के उपाय और सामान्य जीवनयापन के बारे में भी प्रशिक्षण देते हैं।

Atul Saxena
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Yoga Day 2024:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज पूरा विश्व 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाता है, इस दिन दुनिया के लोग भारत के ऋषिमुनियों की इस पुरातन पद्धति को अपना कर शरीर को स्वस्थ रखने की दिशा में पहल करते हैं, भारत में भी 21 जून को विशेष रूप से योग दिवस के कार्यक्रम होते हैं, इस बार राजधानी भोपाल के शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में 18 से 21 जून तक योग महाकुंभ मनाया जायेगा, इस दौरान बच्चों से लेकर वृद्धजनों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में चार दिवसीय योग महाकुंभ 18 जून से  

भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा संचालित केंन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सालय इकाई द्वारा शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय, आयुष परिसर (मैनिट हिल्स) भोपाल में विश्व योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योग कार्यक्रम एवं विशेष योग प्रशिक्षण 18 से 21 जून तक आयोजित किया जायेगा।

पहले दिन वृद्धजनों के लिए आयु अनुरूप योगासन एवं आहार की दी जाएगी जानकारी 

कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ जूही गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 जून को प्रातः 8 बजे से 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के लिए योग विशेषज्ञों द्वारा आयु अनुरूप सरलतापूर्वक किए जाने वाले योगासन एवं आयु अनुरूप मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए किए जाने वाले आहार आदि से अवगत कराया जाएगा।

19 जून कोमांसपशियों, हड्डियों और जोड़ों के रोग से ग्रस्त लोगों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण होगा

19 जून को सुबह 8 बजे मस्क्यूलोंस्केलेटन कम्पलेट्स यानि मांसपशियों, हड्डियों और जोड़ों के रोग से ग्रस्त लोगों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण होगा, जिसमें उन्हें अपनी सीमाओं और समस्याओं के साथ स्वस्थ रहकर कार्य करने, मांसपेशियों को सुदृढ़ और और जोड़ों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए उपयोगी सुझाव दिए जायेंगे।

20 जून को 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और युवाओं के लिए विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम 

डॉ. जूही ने बताया कि 20 जून को प्रातः 8 बजे 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और युवाओं के लिए विशेष योग प्रशिक्षण कार्यकम होगा, जिसमें बच्चों को ध्यान लगाना, अपने कार्य को सतर्कता से करना, कार्य में सचेत रहना एवं स्मृति आदि के ऊपर विशेष उपयोगी आसन और ध्यान की प्रक्रियाएं सिखाई जाएंगी।

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होगा विशेष कार्यक्रम 

21 जून को प्रातः 8 बजे तीन दिवसों के प्रशिक्षणार्थियों और अन्य लोगों के लिए विशेष योग प्रोटोकॉल कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा दी गई  निर्देशावली के परिपालन में प्राकृतिक आहार एवं जीवनचर्या के सुझाव भी दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यकम विशेष समूहों को सचेत करके राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत आर्युविद्या वयोमित्र, मस्क्यूलों स्केलेटन डिसऑर्डर्स एवं समस्याओं से ग्रसित लोगों को सीधे तौर पर सहायता करने का प्रयास है। कार्यक्रम में लोगों को सहभागी बनाकर उनकों न सिर्फ अपनी समस्याओं के साथ जीना बल्कि समस्या रोकने के उपाय और सामान्य जीवनयापन के बारे में भी प्रशिक्षण देते हैं। कार्यक्रम में सहभागिता करने के लिए आमजन दूरभाष क्रमांक 9131545759 और 8619526522 पर सम्पर्क कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

कार्यक्रम संयोजक प्रधानाचार्य एवं सीईओ शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय डॉ एस.के. मिश्रा ने बताया कि पिछले 8 वर्षों से होम्योपैथी एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रयोगों से मांसपेशियों, जोड़ों और अन्य समस्याओं जैसे त्वचा रोग, मोटापा, डायबटीज, हाएपोटेंसियल रोगों में लोगों को बहुत अधिक लाभ हो रहा है। आमजन की स्वस्थ जीवनशैली के लिए कम दवाओं के साथ जीवनयापन को लेकर व्यापक प्रायोगिक कार्य चल रहे हैं।

कंसल्टेंट डॉ. अनुपम मिश्रा ने बताया कि शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय आयुष परिसर में वैलनेस सेंटर प्रतिदिन 8 बजे से लेकर 2 बजे तक संचालित होता है, इसमें प्राकृतिक चिकित्सा के समस्त उपकरण और सभी प्रकार की थैरेपी उपलब्ध है और होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति की दवाओं के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रखने की भूमिका में सहायक है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि वैलनेस सेंटर में प्रतिदिन लगभग 250 लोग समस्त सुविधाओं से लाभान्वित होते हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के उक्त उपक्रम में होम्योपैथिक चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग पद्धति के साथ-साथ विशेषज्ञों के दल द्वारा विशेष रूप से स्वस्थ रहने और समस्याओं के प्राकृतिक निदान के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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