खुले बोरवेल पर सख्ती, कलेक्टर ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश, पोर्टल भी बनाने के आदेश

Amit Sengar
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Gwalior News : प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले दिनों खुले बोरवेल में बच्चों के गिरने की दुर्घटनाओं को ध्यान में रखकर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने लोक हित में भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के तहत अहम आदेश जारी किया है। उन्होंने इस प्रतिबंधात्मक आदेश के जरिए कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को जिले में एक ऐसा पोर्टल विकसित करने के आदेशित किया है, जिसमें नवीन नलकूप खनन की जानकारी, नलकूप खनन की मशीनों का पंजीयन और नलकूप खनन से जुड़े ठेकेदारों की जानकारी एवं जिले की सीमा के अंतर्गत सभी प्रकार के अनुपयोगी तथा खुले बोरवेल की जानकारी संकलित हो सके। साथ ही विभाग स्तर पर दल गठित कर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रसारित करने के निर्देश भी उन्होंने दिए हैं।

कलेक्टर ने दिए कार्रवाई करने के निर्देश

जिला दण्डाधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने समस्त अनुपयोगी एवं खुले नलकूप, बोरवेल व ट्यूबवेल की जानकारी संकलित कर उन्हें सुरक्षित करने की तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही आदेश में स्पष्ट किया है कि इस कार्य की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मॉनीटरिंग करें और पोर्टल पर इसकी जानकारी भी अपडेट रखी जाए।

आदेश में कहा है कि संबंधित मकान मालिक, किसान, संस्था इत्यादि द्वारा खनित कराए गए ऐसे बोरवेल जिनका उपयोग नहीं किया जाता है। अथवा जिन बोरवेल में मोटर नहीं डली है व ढक्कन लगाकर बंद नहीं किए गए हैं, ऐसे समस्त बोरवेल पर मजबूत ढक्कन/कैप लगाए जाएं, साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के संबंधित कार्यपालक दण्डाधिकारी और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र का भ्रमण कर यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये निर्देशित किया है। डीएम ने कहा कि यह आदेश आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित के खिलाफ भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के तहत कार्रवाई की जायेगी।
ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट


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