इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की औद्योगिक राजधानी इंदौर (Indore) में एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसके बाद आप बाजार में बिक रही मिनरल वाटर बोतल (mineral water bottle) के पानी पर आसानी से सवाल उठा सकते है। दरअसल, यहां एक्वाकेयर कंपनी (Aquacare Company) की वाटर बोतल में दो कॉकरोच (two cockroaches) निकले है। जिसके बाद ग्राहक ने कंज्यूमर फोरम से लेकर फूड एंड ड्रग विभाग को शिकायत करने का मन बना लिया है। वहीं जिस ग्राहक के पास ये बोतल पहुंची थी उसने दुकानदार और कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर पर संगीन आरोप भी लगाए।
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दरअसल, करोड़ो का कारोबार करने वाली मिनरल बोतल कंपनियों द्वारा बोतल के अंदर जो पानी सुरक्षित तरीके से कस्टमर तक पहुंचाने का दावा किया जाता है, वो दावे अब फैल होते नजर आ रहे है। यहां तक कि कंपनियों की लापरवाही इस कदर बढ़ गई है अब ग्राहकों को पानी की बोतल में कॉकरोच (Cockroach in Aquacare Water Bottle) मिल रहे है। ऐसा ही एक मामला इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में सामने आया है। जहां एक्वाकेयर नामक बोतल सप्लायर कंपनी द्वारा विक्रय के लिए भेजी गई बोतल में एक नही बल्कि दो कॉकरोच मिले है। बता दे कि अहिरखेड़ी में रहने वाले नीलेश श्रीवास्तव ने नरेंद्र तिवारी मार्ग बैंक कॉलोनी स्थित चाय कुल्हड़ क्लब से एक्वाकेयर कंपनी की पानी की बोतल 20 रुपये में खरीदी और फिर उसे घर ले गया। घर पर जाकर उसने बोतल फ्रिज में रख दी। इसके बाद जब नीलेश की पत्नि को मिनरल वाटर पीने की इच्छा हुई तो उसकी अचानक नजर बोतल के तल वाले हिस्से पर पड़ी और जब गौर से देखा गया तो उसमे कॉकरोच तैरते मिले। इसके बाद नीलेश सीधे दुकानदार के पास शिकायत करने पहुंचा तो उसने ग्राहक की शिकायत को सही मानते हुए ग्राहक अनदेखा कर कंपनी के किसी भी जिम्मेदार का नम्बर देने से मना कर दिया। इसके बाद ग्राहक ने कंपनी के कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराई तो कंपनी के ही इंदौर स्थित ऑफिस के किसी शख्स ने कस्टमर रुपयों का लालच देकर बोतल वापस देने का प्रस्ताव रख दिया।
नीलेश का आरोप है कि चाय कुल्हड़ क्लब के मालिको ने बिल देने से मना कर दिया। वहीं दूसरी ओर कंपनी के हुकुमचंद अग्रवाल नामक शख्स ने कहा कि उनसे पहले भी ऐसी गलती हुई है और उस वक्त 2 हजार रुपये उस कस्टमर को दिए थे और आप भी 2 हजार रुपये ले लो। वहीं नीलेश ने ऑफर ठुकराते हुए साफ कहा कि यदि गलती से हम पानी पी लेते तो हमारी जान पर बन आती है लिहाजा, कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए वो अब कानूनी सहारा लेकर संबंधित विभाग में भी शिकायत करेंगे।
इधर, इस मामले को लेकर जब चाय कुल्हड़ क्लब प्रबंधन से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। वहीं जब खाद्य एवं औषधि विभाग को इस मामले की जानकारी लगी तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी पुष्पक द्ववेदी ने साफ किया कि पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और यदि जो भी दोषी होगा उस पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, अपने तरीके के इस अनूठे मामले के सामने आने के बाद सवाल ये उठ रहे है कि क्या अब मिनरल वाटर का पानी पीना सुरक्षित है जबकि उसकी शुद्धता के पैमाने को लेकर कंपनियां तमाम दावे कर करती आई है। ऐसे में किसी भी पेय पदार्थ की बोतल को खोलने के पहले आप एक बार इसे जरूर देख ले क्योंकि जब पानी मे कॉकरोच निकल रहे है तो सावधान रहना सबके लिए जरूरी है।