Indore News : नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, लाखों की जाली करेंसी के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

Indore News : इंदौर पुलिस प्रशासन को एक बड़ी सफलता मिली है इसमें अन्नपूर्णा थाने की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो पिछले कई दिनों से नकली नोट छापकर उनकी तस्करी कर रहा था पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को चिह्निति किया जिसमें से 5 आरोपी पकड़े गए है एक आरोपी फरार है। वहीं पांच को गिरफ्तार किया है और एक आरोपी की तलाश जारी है।

यह है पूरा मामला

बता दें कि जोन 4 के एडीसीपी अभिनय विश्वकर्मा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि सूचना मिली कि कुछ लोगों के द्वारा नकली नोट छाप कर मार्केट में चलाए जा रहे हैं पुलिस ने सूचना मिलते ही इस मामले में एक टीम गठित की एवं आरोपियों की तलाश शुरू की इसलिए मामले में पुलिस ने गणेश पिता कन्हैयालाल 55 साल निवासी सुदामा नगर दूसरा विक्रम पिता भागचंद्र 42 साल निवासी शिव सिटी तीसरा प्रेयस पिता चंद्रशेखर निवासी पारसी मोहल्ला छावनी चौथा राजेश पिता टेकचंद बारबड़े और पांचवा प्रवीण पिता झाम सिंह 34 साल निवासी सिलिकान सिटी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वही छटे आरोपी की तलाश की जा रही है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में बताया है कि सभी आरोपी लगभग अभी तक 25 से 30 लाख रुपए के नकली नोट बाजार में चला चुके हैं दारु पीने नकली नोट प्रिंट करने के लिए हाईटेक प्रिंटर से लेकर स्टांप पेपर में यूज़ होने वाले पेपर का इस्तेमाल किया है पुलिस ने बदमाशों के पास से लगभग 1,60,000 रुपए के नकली 500 200 के नोट बरामद किए हैं। यह भी जानकारी सामने है कि पूर्व में बदमाशों ने 2000 के नोट भी छाप कर बेचे हैं लेकिन सरकार नें जब से 2000 के नोट बंद होने की घोषणा कि है तब से इन्होंने उसका प्रिंट करना बंद कर दिया था।

इसमें एक आरोपी राजेश बरबड़े के बारे में यह भी बताया जा रहा है कि वह यूपी का रहने वाला है और उसने वहां पर अपने आप को मृत घोषित कर नकली डेट सर्टिफिकेट भी बनवा रखा है और यहां पर वह अशोक चौहान के नाम से फर्जी आईडी बनवाकर और अकाउंट खुलवाकर उनमे नकली नोटों के कारोबार से कमाया हुआ रुपयों का लेनदेन करता था। पुलिस के हिसाब से राजेश बरबड़े ही इस गैंग का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट


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Amit Sengar

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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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