जबलपुर मेडिकल कॉलेज की डीन ने जताई नाराजगी, कहा – मुझसे झूठ मत बोलो, एक तमाचा दूंगी खींचकर, वीडियो वायरल

प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज में होने वाले फन फेस्टिवल को निरस्त कर दिया है। मेला आयोजन को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द मैदान से सामान उठा ले।

Amit Sengar
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Jabalpur News : नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की डीन डॉक्टर गीता गुईन हमेशा ही अपने कामों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। एक बार फिर अपने बयानों को लेकर डॉक्टर गीता गुईन चर्चा में बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज के एक मैदान को पहले तो उन्होंने फन फेस्टिवल की अनुमति दी और उसके बाद जब पता चला कि यह फेस्टिवल ना होकर एक व्यापारिक मेला बन रहा है तो मौके पर पहुंचकर उन्होंने मेला आयोजकों को जमकर फटकार लगाई।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक जितनी जगह कार्यक्रम के लिए दी गई थी उससे कई गुना जगह घेर ली गई थी। एसडीएम गोरखपुर के साथ जब गीता गुईन मैदान पहुंची और उन्होंने मेला आयोजकों को समझाइए देने की कोशिश की तो उस समय कर्मचारी उनसे बहस करने लगे जिसे नाराज होकर उन्होंने कहा कि मुझसे झूठ मत बोलो, एक तमाचा खींचकर दूंगी। मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर गीता गुईन का यह वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल भी हो रहा है।

दरअसल, मेडिकल कॉलेज के दादा मैदान को डीन डॉक्टर गीता गुईन ने 45 दिनों के लिए किराए पर दिया था। भोपाल से आई भेल जन सेवा संस्था का कहना था कि मैदान में सिर्फ सोशल वेलफेयर के कार्यक्रम होंगे जिसमें की गरीब बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा। पर बाद में जब मैदान में बड़े-बड़े झूले लगने लगे तो पता चला कि यह एक व्यापारिक मेला है, जिससे कि डीन डॉक्टर गीता गुईन नाराज थी। शनिवार को एसडीएम पंकज श्रीवास्तव के साथ जब वह मैदान पहुंची तो कर्मचारी उनसे बहस करने लगे जिसके चलते उन्होंने कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। बहरहाल मामला बढ़ने पर प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज में होने वाले फन फेस्टिवल को निरस्त कर दिया है। मेला आयोजन को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द मैदान से सामान उठा ले।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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