जबलपुर, संदीप कुमार। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में जूनियर डॉक्टरों (junior doctors) के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ नर्सो (nurses) ने हड़ताल का रूख अपना लिया है। जिसके चलते स्वास्थ्य व्यवास्था चरमरा गई है। इधर नर्सो के हड़ताल को लेकर हाई कोर्ट (High Court) में लगी जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई। जिसमें हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
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हाई कोर्ट ने आज की सुनवाई में महाधिवक्ता से कहा है कि वो इस मामले में सरकार से निर्देश लेकर अगली सुनवाई में जवाब पेश करे। प्रदेश भर की नर्सों के द्वारा की जा रही हड़ताल के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने जनहित याचिका दायर करते हुए कहा था कि नर्सों के द्वारा इस करोना काल मे हड़ताल करना उचित नहीं है। इस हड़ताल को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। जिससे मरीजों को राहत मिल सके। इस पूरे मामले में हाईकोर्ट ने नर्सेस एसोसिएशन के अध्यक्ष को भी पक्षकार बनाने के लिए कहा और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही इस बात की जानकारी मांगी है कि क्या पूरे प्रदेश में नर्सेस एक साथ हड़ताल कर रही हैं या नहीं। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 जुलाई की तारीख तय की है।