Ratlam News- आखिर लोगों ने हाथ में क्यों लिया कानून?

एएसपी यादव ने कहा कि राजस्थान में तो कंजर कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।

रतलाम, सुशील खरे। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) रतलाम (Ratlam) जिले के आलोट के समीपस्थ कलाशया गांव  के लोगो द्वारा अपहरण जैसा कदम उठाया गया जिसका मुख्य कारण है पुलिस (Ratlam Police) की नाकामी और जानमाल सुरक्षा को लेकर पुलिस पर से विश्वास उठना।

जानकारी के अनुसार, आलोट क्षेत्र में जो कि राजस्थान (Rajasthan)  की सीमा क्षेत्र से लगा हुआ है आए दिन चोरी की वारदातें होती रहती हैं तथा यहां कंजरो का आतंक भी है जिससे परेशान होकर कलाशया ग्राम के निवासियों द्वारा 100 लोगों से भरकर एक बस पिकअप व अन्य साधनों से राजस्थान के उन्हेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत बामन देवरिया कंजर डेरा पहुंचे जहां पर भीड़ को आता देख कंजर पुरुष अपने स्थानों से भाग निकले तथा वहां मौजूद लगभग 38 महिलाओं और बच्चों को कलसिया ग्राम के लोग उन्हें उठा ले आए थे।

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जैसे ही सूचना राजस्थान के नागेश्वर थाना पुलिस को लगी उन्होंने तुरंत आला अधिकारियों को अवगत कराते हुए मध्य प्रदेश के आलोट पुलिस थाने पहुंचे और उक्त बनाए गए बंधक महिला और बच्चों को छुड़ाकर नागेश्वर थाने पर लाए जिसके पश्चात राजस्थान सरकार भी हरकत में आई और तुरंत कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक अपहरणकर्ताओं के ऊपर केस वायरल वीडियो के आधार पर बनाएं तथा 6 आरोपियों को हथियार सहित जिसमें देसी कट्टा, 12 बोर, जिंदा कारतूस, तलवार ,लट इत्यादि हथियारों सहित गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया ।

आखिर क्या कारण रहे की आम जनता को अपहरण जैसे कदम कंजरो के डेरे में जाकर उठाना पड़े । कहीं ना कहीं आलोट पुलिस कंजर और चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने में नाकामयाब।वहीँ अब आज इस कंजर समस्या के विरोध में आज किसानों के साथ व्यापारी जन आक्रोश रैली निकालेंगे, घेरेंगे थाने क्षेत्र में कंजर वारदातों से ना केवल किसान बल्कि व्यापारी समेत आमजन परेशान हैं। राजस्थान व एमपी पुलिस दोनों ही इस समस्या से निजात नहीं दिला पा रही है। किसान और व्यापारी समेत अन्य प्रताड़ित लोग कंजर समस्या के विरोध में 8 जनवरी को जनआक्रोश रैली निकालेंगे। आलोट व राजस्थान के उन्हेल थाने का घेराव करेंगे।

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विधायक मनोज चावला (MLA Manoj Chawla) ने भी इस आंदोलन की कमान थामते हुए पुलिस पर कंजरों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक मनोज चावला एवं कांग्रेस नेता वीरेंद्रसिंह सोलंकी ने कहा कि राजस्थान क्षेत्र के कंजर अक्सर आलोट क्षेत्र में आकर चोरी व लूट करते हैं। मप्र और राजस्थान पुलिस (MP and Rajasthan Police) को समस्या के खिलाफ खड़े होकर लोगों को राहत दिलाना चाहिए लेकिन वे उल्टे कंजर प्रताड़ित आम लोगों पर ही केस दर्ज कर रहे हैं। हम राजस्थान मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे और कंजर समस्या के निराकरण की मांग के साथ ही ग्रामीणों पर उन्हेल थाना पुलिस ने जो केस दर्ज किया है। उसे वापस लेने की बात करेंगे

कलाशया से बाइक चोरी के बाद गुरुवार को वहां के करीब 200 लोग राजस्थान स्थित बामनदेवरिया कंजर डेरे पहुंच गए थे। कंजर तो भाग गए लेकिन दबाव के लिए वे 38 महिला, बच्चों को लेकर आलोट थाने आ गए ताकि कंजर इनकी बाइक लौटा दें और वारदातें बंद करें।इस मामले में राजस्थान की उन्हेल थाना पुलिस ने 100 ग्रामीणों पर अपहरण व बलवे का केस दर्ज कर लिया। 6 को गिरफ्तार भी कर लिया। दूसरे दिन शुक्रवार को झालावाड़ के एएसपी राजेशकुमार यादव दलबल के साथ कलस्या पहुंचे और दबिश दी। इस दरमियान भाजपा एवं कांग्रेस नेता भी उनसे मिले और केस दर्ज करने का विरोध किया। एएसपी यादव ने कहा कि राजस्थान में तो कंजर कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। इस क्लीन चिट पर किसान नेता भड़क गए। एएसपी बोले मप्र पुलिस से बात करके कंजर समस्या से निजात दिलाने का प्रयास करेंगे।

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