कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, पुरानी पेंशन योजना पर ताजा अपडेट, विधानसभा में पारित होगा ये विधेयक, पढ़े डिप्टी सीएम का बयान

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना( OPS) पर कांग्रेस पार्टी विधानसभा में विधेयक पारित करने जा रही है, विधानसभा में कांग्रेस सरकार अपने इसी कार्यकाल में ही पुरानी पेंशन का कानून पारित करेगी ।इससे भविष्य में कर्मचारियों की पेंशन कोई भी सरकार बंद ना कर सके।

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Employees Old Pension Scheme : हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है।राज्य की सुखविंदर सिंह सुख्खू सरकार कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना पर पक्की गारंटी देने की तैयारी में है, इसके लिए फरवरी में विधानसभा में एक विधेयक पारित किया जाएगा। इसकी पुष्टि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की है।

पेंशन को लेकर विधेयक पारित करने जा रही है सरकार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में सरकारघाट उपमंडल के रखोटा में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री (Deputy CM Mukesh Agnihotri) ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना( OPS) पर कांग्रेस पार्टी विधानसभा में विधेयक पारित करने जा रही है, ताकि भविष्य में कर्मचारियों की पेंशन कोई भी सरकार बंद ना कर सके। कर्मचारियों से पुरानी पेंशन के हक कोई नहीं छीन सकता है और विधानसभा में कांग्रेस सरकार अपने इसी कार्यकाल में ही पुरानी पेंशन का कानून पारित करेगी, ताकि भविष्य में कोई भी सरकार कर्मचारियों के साथ कोई भी सरकार धोखा न कर पाए।

कांग्रेस ने सत्ता में आते ही वादों को किया पूरा

मुकेश अग्निहोत्री ने आगे कहा कि सत्ता में रहते हुए पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने जिन वादों को सिरे से नकार दिया था, हिमाचल में कांग्रेस ने सरकार के बनते ही वादे पूरे किए हैं। ठाकुर 10 गांरटियों को लेकर कांग्रेस को कोसते रहते हैं। जबकि कांग्रेस ने सत्ता में आते ही वो करके दिया है जिसके लिए केंद की मोदी सरकार ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। आज प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की देने से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों का OPS का लाभ मिलना शुरू हो गया है, रिटायर कर्मियों के खाते में पेंशन बढ़कर मिल रही है। इधर, लोग पुरानी पेशन योजना के फैसले को वापस लेने की अफवाहें फैला रहे हैं।

फरवरी से मिलेगा बिजली कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ!

  • बीते दिनों सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लाइज एंड इंजीनियर के ज्वाइंट फ्रंट के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने पुरानी पेंशन बहाल और दूसरा बिजली बोर्ड में स्थायी प्रबंध निदेशक लगाने की मांग की थी , जिस पर सीएम ने आश्वासन दिया था कि फरवरी से बिजली कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा।
  • वही निगम के प्रबंध निदेशक को बदलने पर भी सैद्धांतिक सहमति दी ।उम्मीद है कि बोर्ड के 6600 कर्मचारियों को फरवरी से पुरानी पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।वर्तमान में बोर्ड में 6500 कर्मचारी नई पेंशन में हैं।  बता दे कि प्रदेश के अन्य विभागों के सरकारी कर्मचारियों के लिए ओपीएस बीते वर्ष अप्रैल 2023 माह में ही बहाल हो गई थी,लेकिन बिजली बोर्ड में कर्मचारी पिछले 10 महीने से पुरानी पैंशन बहाल होने के इंतजार में हैं।

जानिए क्या अंतर है OPS और NPS में

  • OPS में सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने के बाद आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी रकम बतौर पेंशन ताउम्र सरकार के राजकोष से दी जाती है।
  • NPS एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, जिसमें कर्मचारियों को अपने वेतन का दस प्रतिशत हिस्सा देना होता है। सरकार कर्मचारी के एनपीएस खाते में 14% भाग डालती है।
  • OPS में हर साल दो बार महंगाई भत्ता भी बढ़कर मिलता है,पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के पेंशन दिए जाना भी ओपीएस में शामिल हैं।OPS में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिलती है।
  • NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है।NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।
  • नई पेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना होता है। सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।एनपीएस शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।
  • OPS के विपरीत नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।OPS में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर उसे किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।

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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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