Muzaffarpur Jobs Scandal : नौकरी का लालच, कई महीनों तक शारीरिक शोषण, शादी, अबॉर्शन और बेल्टों से पिटाई, महिला ने सुनाई आप बीती

नौकरियों का यह विज्ञापन सिर्फ लड़कियों के लिए था। वहीं इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कई लड़कियों ने संपर्क किया। जहां अप्लाई करने पर चयन होने के बाद प्रशिक्षण के नाम बीस हजार रुपये की मांग की जाती थी।

Amit Sengar
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Muzaffarpur Jobs Scandal : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के बखरी में नौकरी के नाम पर लड़कियों से यौन शोषण का मामला सामने आया हैं। जहां पर एक फर्जी नेटवर्किंग कंपनी के द्वारा कई लड़कियों को नौकरी देने का झांसा देकर बंधक बनाया गया उनके साथ मारपीट की गई और फिर उनका यौन शोषण भी किया गया। उसमें से एक युवती ने हिम्मत दिखाते हुए अहियापुर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी भी तेज कर दी है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि यह पूरा मामला जिला के अहियापुर इलाके का है। जहाँ एक गिरोह DVR नाम की फर्जी मार्केटिंग कंपनी बनाकर सोशल मीडिया पर नौकरी देने का पोस्ट डालता था। इसमें लिखाता था कि आप इस कंपनी में जॉब करने में इच्छुक है तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। आपको मोटी सैलरी भी दी जाएगी। बड़ी बात यह थी कि नौकरियों का यह विज्ञापन सिर्फ लड़कियों के लिए था। वहीं इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कई लड़कियों ने संपर्क किया। जहां अप्लाई करने पर चयन होने के बाद प्रशिक्षण के नाम बीस हजार रुपये की मांग की जाती थी।

प्रशिक्षण के नाम पर जमा कराए जाते 20500 रूपये

पीड़िता ने जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से पहले उसकी दोस्ती हरेराम सर से हुई, उसके बाद उन्होंने मुझे नौकरी का प्रलोभन दिया, हाजीपुर में चलने वाले डीवीआर संस्था में डॉक्यूमेंट और 20500 रूपये लेकर बुलाया गया। फिर मैंने मौसी से कर्जा लेकर हाजीपुर में रामाशीष चौक के निकट संस्था में ज्वाइन किया। लेकिन, वहां काम के बजाए उन्हें मनोविज्ञान पढ़ाया जाने लगा। साथ ही अन्य लोगों को कंपनी में जोड़ने का तरीका सिखाया जाने लगा। पीड़िता ने बताया उसने भी भी अपने माध्यम से 21 लोगों को उस कंपनी ज्वाइन करा दिया था। उनसे भी संस्था ने 20500 रूपए जमा करा लिए। लगभग 3 महीना तक गुजर जाने के बाद भी जब सैलरी नहीं मिली, तो उसने संस्था के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तिलक सिंह के समक्ष अपनी बात रखी। तब उसे ये बताया गया कि 50 और लड़कियों को संस्था से जोड़ने पर उसका वेतन 50 हजार कर दी जाएगा।

DVR कंपनी के कथित ऑफिस व हॉस्टल पर पुलिस ने की छापा मार कार्रवाई 

आगे पीड़िता ने बताया कि उसके माध्यम से 14 लड़कियों ने ज्वाइन किया। मगर वह किसी को अपने परिवार से निजी बात नहीं करने दिया जाता था, ताकि वह कुछ बात न बता दे, इसी बीच अहियापुर स्थित कंपनी के कथित ऑफिस व हॉस्टल पर पुलिस ने छापा मार कार्रवाई की, जहां पर से बहुत सी लड़कियों को पुलिस ने उनके कब्जे से छुड़ाया है, मगर छापेमारी की जैसे ही भनक लगते हुए सीएमडी तिलक सिंह ने उसे और अन्य लोगों को हाजीपुर शिफ्ट करा दिया। जहां उसके साथ जबरदस्ती तिलक सिंह ने विवाह कर लिया। आगे बताया कि मुजफ्फरपुर रहते हुए भी तिलक सिंह ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे। उस दौरान वह गर्भवती भी हुई थी, जिसका तिलक सिंह ने गर्भपात करा दिया गया था।

पीड़िता ने बताया कि हाजीपुर में रहते हुए जब मायके जाने की जिद की तो उसे जबरदस्ती मारपीट कर चुप कर दिया जाता था। इस बीच कंपनी के फ्रॉड होने का उसे एहसास हो गया था तो उसने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की सोची। क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि जैसे मेरे साथ हुआ है अब वैसा किसी और के साथ हो।


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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