NPS-OPS 2024 : सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर! न्यू पेंशन स्कीम में हो सकते है कई बदलाव, बजट में मिल सकता है नया अपडेट

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NPS/OPS 2024 : केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है।लोकसभा चुनाव से पहले 1 फरवरी 2024 को पेश होने वाले मोदी सरकार के अंतरिम बजट में पेंशन को लेकर बड़ ऐलान हो सकता है। खबर है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नेशनल पेंशन स्कीम को लेकर स्टेटस रिपोर्ट संसद में पेश कर सकती है। इसके तहत पुरानी पेंशन योजना लागू ना करके नई पेंशन के नियमों में कुछ बदलाव किया जा सकता है।

बजट में पेश हो सकती है NPS पर स्टेटस रिपोर्ट

दरअसल, वित्त मंत्री के एनपीएस के समीक्षा करने के ऐलान के बाद बीते साल केंद्र की मोदी सरकार ने एनपीएस की समीक्षा के लिए अप्रैल में वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अगुवाई में एक कमेटी बनाई थी।इसमें सरकारी कर्मचारियों के अलावा अलग अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ एनपीएस (NPS) को लेकर चर्चा की गई है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  संभावना है कि यह कमेटी जनवरी के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। कमेटी की बैठकों में एनपीएस के नियमों में कुछ बदलाव और न्यूनतम पेंशन देने पर चर्चा हुई है लेकिन यह पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के पक्ष में नहीं है।

खबर तो ये भी है कि ओल्ड पेंशन स्कीम की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार अपने कर्मचारियों को न्यूनतम पेंशन देने का फैसला ले सकती है, इसके तहत रिटायरमेंट से पहले आखिरी सैलेरी का 40 से 45 फीसदी राशि के तौर पर न्यूनतम पेंशन देने का ऐलान हो सकता है, वही मौजूदा मार्केट लिंक्ड पेंशन स्कीम में बदलाव किया जा सकता है ।हालांकि बीते दिनों जब यह खबर सामने आई थी तो वित्त मंत्रालय ने इससे इंकार कर दिया था।

नई टैक्स व्यवस्था में NPS में निवेश पर छूट की मांग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केन्द्र सरकार कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने से पहले लोगों से सुझाव ले सकती है। इसके अलावा एक नई टैक्स व्यवस्था में नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश पर छूट दी जा सकती है, इसके लिए पेंशन फंड रेगुलेटर (PFRDA) ने बजट के लिए वित्त मंत्रालय से इसके लिए सिफारिश भी की है।PFRDA ने नेशनल पेंशन स्कीम और PF में सैलरी में कटौती की सीमा के लिए रिव्यू करने की मांग की है।

वर्तमान में प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी EPF में मूल वेतन का अधिकतम 12% तक और नेशनल पेंशन स्कीम में 10% कांट्रीब्यूट करते हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख और 80CCC(1B) के तहत 50 हजार पर छूट अतिरिक्त छूट का प्रावधान है, PFRDA ने नेशनल पेंशन स्कीम और EPF में वेतन में कटौती की सीमा को भी रीव्यू करने की मांग की है।

इसलिए उठ रही है ओपीएस की मांग

  • दरअसल, एक जनवरी, 2004 से केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए एनपीएस लागू किया गया था। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुताबिक तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्यों ने अपने कर्मचारियों के लिए NPS लागू किया है। इसके तहत कर्मचारियों को बेसिक सैलेरी का 10% योगदान और 14% योगदान सरकार देती है, लेकिन पिछले साल 2023 में राजस्थान, झारखंड, पंजाब, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश सरकारों ने पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल कर दिया है, जिसके बाद से अब देशभर में OPS की बहाली को लेकर मांग उठने लगी है।
  • कर्मचारी संगठन प्रदर्शन और धरने से भी अपना विरोध दर्ज करवा चुके है।चुंकी OPD के तहत सरकारी कर्मचारियों को उनकी अंतिम सैलरी का 50% राशि पेंशन के रूप में मिलती है।अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी. श्रीकुमार भी कह चुके है कि लोकसभा चुनाव से पहले ‘पुरानी पेंशन’ लागू नहीं होती है, तो सत्ताधारी बीजेपी को नुकसान भुगतना पड़ेगा, ऐसे में मोदी सरकार एनपीएस के नियमों में बदलाव की तैयारी में है।

जानिए क्या अंतर है OPS और NPS में

  1. OPS में सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने के बाद आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी रकम बतौर पेंशन ताउम्र सरकार के राजकोष से दी जाती है। OPS में हर साल दो बार महंगाई भत्ता भी बढ़कर मिलता है,पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के पेंशन दिए जाना भी ओपीएस में शामिल हैं।
  2. NPS एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, जिसमें कर्मचारियों को अपने वेतन का दस प्रतिशत हिस्सा देना होता है। सरकार कर्मचारी के एनपीएस खाते में 14% भाग डालती है।नई पेंशन योजना के तहत सरकारी कर्मचारी को अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10 फीसदी देना होता है और इसमें राज्य सरकार केवल 14% का ही योगदान देती है।
  3. OPS में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिलती है। ओपीएस में कर्मचारियों के लिए 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाता है।पेंशन कमीशन के लागू होने पर पेंशन रिवाइज्ड होने का फायदा भी रिटायर कर्मचारी को मिलता है।
  4. NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है। नई पेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना होता है। सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।
  5. एनपीएस शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।
    OPS के विपरीत नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।OPS में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर उसे किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।

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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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