सिंधिया ने जताया पीएम मोदी का आभार,ग्वालियर चंबल अंचल के लिए की ये बड़ी मांग

Atul Saxena
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नई दिल्ली, अतुल सक्सेना। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi)को पत्र लिख कर ग्वालियर-चंबल संभाग (gwalior chambal division) में पिछले दिनों हुई भारी वर्षा और बाढ़ (heavy rain and flood) के दौरान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तत्काल बचाव एवं राहत कार्य में मदद करने पर क्षेत्र की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया है। सिंधिया ने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्षेत्र में बाढ़ से हुई भीषण तबाही और नुकसान का केंद्रीय दल भेजकर सर्वे करवाने और लोगों के जीवनयापन को समय बनाने के लिए विशेष आर्थिक सहायता मंजूर करने का निवेदन किया है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा कि ग्वालियर चंबल संभाग के आठ जिलों में भारी वर्षा और बाढ़ से जो तबाही उसमें आपके निर्देश पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ से तत्काल  मदद हो सकी जो अभी भी जारी है।  सेना, वायुसेना, NDRF, SDRF सभी ने सामूहिक रूप से मदद कर लोगों को और जानवरों को बचाया।

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सिंधिया ने पत्र में कह कि इस क्षेत्र के लिए ये अप्रत्याशित घटना है। ऐसे हालात यहाँ पिछले 50 वर्षों में कभी नहीं बने।  लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं , कई हजार एकड़ खेती की जमीन बंजर हो गई है जो ग्रामीणों की आजीविका का साधन थी , 4 बड़े पल सहित 8-10 छोटे , मझोले पुल पुलिया बह गए।  जिससे आवागमन नहीं हो पा रहा है।

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सिंधिया ने लिखा इन सब हालातों को देखते हुए मेरा आपसे अनुरोध है कि शीघ्र ही एक केंद्रीय दल भेजकर इस तबाही का सर्वे कराकर केंद्र सरकार की तरफ से इस क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक सहायता मंजूर की जाये।

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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