Chanakya Niti: चाणक्य नीति के अनुसार मनुष्य की सबसे बड़ी कायरता होती है ये 2 चीज, सफलता नहीं लगती हाथ

आज के आर्टिकल में हम आपको मनुष्य की सबसे बड़ी कायरता की बात बताते हैं, जिस कारण उन्हें सफलता नहीं मिल पाती। आइए जानते हैं विस्तार से...

Sanjucta Pandit
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Chanakya Niti : जब भी बात सफलता की आती है, आचार्य चाणक्य का नाम सबसे पहले लिया जाता है। जिन्हें लोग कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जानते हैं, जोकि प्राचीन भारत के महान विद्वान, अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ और राजनीतिज्ञ थे। वे मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रमुख सलाहकार भी थे, जिन्होंने नंदवंश को हराकर अखंड भारत का निर्माण करवाया था। बता दें कि चाणक्य का जन्म लगभग 350 से 400 ईसा पूर्व में माना जाता है। चाणक्य का सबसे प्रसिद्ध शास्त्र “अर्थशास्त्र” है, जिसमें राजनीति, अर्थशास्त्र, सैन्य रणनीति, सामाजिक नियम और कानून जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। उनके द्वारा दी गई शिक्षा “चाणक्य नीति” के रूप में प्रसिद्ध हैं। ये नीतियां जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। जिसे आज भी लोग अपने जीवन में अपनाते हैं। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको मनुष्य की सबसे बड़ी कायरता की बात बताते हैं, जिस कारण उन्हें सफलता नहीं मिल पाती। आइए जानते हैं विस्तार से…

Chanakya Niti: चाणक्य नीति के अनुसार मनुष्य की सबसे बड़ी कायरता होती है ये 2 चीज, सफलता नहीं लगती हाथ

चाणक्य नीति के अनुसार, परिवर्तन से डरना और संघर्ष से कतराना मनुष्य की सबसे बड़ी कायरता है। परिवर्तन से घबराना नहीं चाहिए और न ही संघर्ष से कतराना चाहिए। हमें अपने जीवन में आने वाले हर परिवर्तन को खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए और हर संघर्ष का साहसपूर्वक सामना करना चाहिए। यही सफलता की कुंजी है।

परिवर्तन से डरना

चाणक्य के अनुसार, परिवर्तन जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। समय के साथ परिस्थितियां बदलती हैं। इसलिए उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिए। इसी में इंसान की बहादूरी होती है। जो व्यक्ति परिवर्तन से डरता है, वह विकास और सफलता से वंचित रह जाता है। बिना परिवर्तन के कोई नई दिशा नहीं मिल सकती और बिना संघर्ष के कोई नई ऊंचाई नहीं छूई जा सकती। जो व्यक्ति इनसे डरता है, वह जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता है।

संघर्ष से कतराना

आचार्य चाणक्य के अनुसार, संघर्ष जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह हमें मजबूत बनाता है और हमें अपनी क्षमताओं का परीक्षण करने का अवसर देता है। संघर्ष से डरने वाला व्यक्ति कभी भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकता और न ही अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है। चाणक्य ने साहस और आत्मविश्वास को मनुष्य के लिए आवश्यक गुण बताया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने भीतर साहस और आत्मविश्वास रखता है, वह किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकता है और सफलता प्राप्त कर सकता है। संघर्ष से भागने वाला व्यक्ति कमजोर और कायर होता है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)


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मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

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