Chanakya Niti: चाणक्य नीति के अनुसार इंसान को कभी हारने नहीं देती ये 3 चीजें, सफलता चूमती है कदम

आज के आर्टिकल में हम आपको उन 3 चीजों के बारे में बताएंगे, जोकि इंसान को कभी भी हारने नहीं देता है और सफलता हमेशा उनके कदम चूमती है। आइए जानते हैं विस्तार से...

Sanjucta Pandit
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Chanakya Niti : हम सभी बचपन से ही आचार्य चाणक्य के बारे में सुनते आ रहे हैं, जिन्हें विष्णुगुप्त या कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। वह प्राचीन भारत के महान अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और लोगों के लिए मार्गदर्शक थे। उन्होंने मौर्य साम्राज्य स्थापना करने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। वे चंद्रगुप्त मौर्य के मुख्य सलाहकार थे। उनका जन्म लगभग 350 से 400 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है। चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को नंद वंश के शासक धनानंद को पराजित करने और मौर्य साम्राज्य की स्थापना में मदद की। चाणक्य ने ‘अर्थशास्त्र’ नामक एक महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखा, जिसमें राजनीति, अर्थशास्त्र और प्रशासन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई है, जो आज भी राजनीति और प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए ‘चाणक्य नीति’ लिखी। उनकी नीतियों को आज भी बड़े-बड़े राजनेताओं, बच्चों, महिलाओं द्वारा सफलता, सुख-शांति के लिए अपनाई जाती है। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको उन 3 चीजों के बारे में बताएंगे, जोकि इंसान को कभी भी हारने नहीं देता है और सफलता हमेशा उनके कदम चूमती है। आइए जानते हैं विस्तार से…

Chanakya Niti: चाणक्य नीति के अनुसार इंसान को कभी हारने नहीं देती ये 3 चीजें, सफलता चूमती है कदम

चाणक्य नीति के अनुसार, “हारे हुए की सलाह, जीते हुए का अनुभव और खुद का दिमाग इंसान को कभी हारने नहीं देता है।”

हारे हुए की सलाह

दरअसल, आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति हार का सामना कर चुका होता है, वह जानता है कि क्या गलत हुआ और उससे क्या सबक सीखा जा सकता है। हारे हुए व्यक्ति की सलाह इसलिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि वह गलतियों से प्राप्त अनुभव को शेयर करता है, जिससे दूसरे लोग वही गलती करने से बच सकते हैं।

जीते हुए का अनुभव

बता दें कि जो व्यक्ति जीत चुका होता है, उसके पास सफलता प्राप्त करने के रास्ते और रणनीतियों का ज्ञान होता है। चाणक्य नीति के अनुसार, जीते हुए व्यक्ति का अनुभव इसलिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वह साबित कर चुका होता है कि उसका तरीका क्या है। जिस कारण वह सफलता हासिल करते हैं।

खुद का दिमाग

चाणक्य नीति के अनुसार, किसी भी परिस्थिति में व्यक्ति को अपने दिमाग से काम लेना चाहिए। अपने विवेक से लिए गए निर्णय से इंसान की जीत पक्की हो जाती है। बता दें कि खुद के दिमाग का इस्तेमाल करना इसलिए जरूरी है क्योंकि हर परिस्थिति और व्यक्ति अलग होता है। ऐसे में दूसरों की सलाह और अनुभव को अपनी स्थिति के अनुसार करना बेहद महत्वपूर्ण है। खुद के दिमाग से हम इन सबको अपनी स्थिति के अनुसार लागू करके सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)


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मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

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