Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप, प्रसन्न होंगे श्रीहरि, बढ़ेगी सुख-समृद्धि, भूलकर भी न करें ये गलतियाँ 

निर्जला एकादशी के दिन कुछ मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। इस दिन कुछ नियमों का पालन करना भी आवश्यक होता है।

Manisha Kumari Pandey
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Nirjala Ekadashi 2024: सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व होता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यताएं हैं जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान के साथ व्रत रखता है, उसे 24 एकादशियों का फल मिलता है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी या भीमसेन एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार 18 जून को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

इन मंत्रों के जाप से होगा लाभ

निर्जला एकादशी के दिन कुछ मंत्रों का जाप करना बेहद ही शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं। जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। पाप से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

  • ॐ ह्रीं कार्तिवीर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्टम् च लभ्यते। इस मंत्र का जाप 108 बार पीले फूल अर्पित करते हुए करें।
  • ॐ आं संकर्षणाय नमः, इस मंत्र को पूजा के दौरान एक थाली पर केसर और जल मिलाकर लिख दें। फिर 108 बार मंत्र का जाप करें।
  • महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी एवं नमोस्तुते, इस मंत्र का जाप संध्याकाल में तुलसी पूजन के दौरान करें।
  • माला जाप करते समय “ॐ अं प्रद्युम्नाय नमः” मंत्र का जाप करें।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

 


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