राहुल गांधी के इस फॉर्मूले से कई दावेदारों पर टिकट का संकट

भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन कर रही है। हाल ही में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में एक बैठक की। इसमें राहुल गांधी ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर एक फॉर्मूला सबके सामने रखा था। अगर इस फॉर्मूले पर अमल हुआ तो कई मंत्री-विधायकों के बच्चों और रिश्तेदारों के टिकट पर संकट आ सकता है। सीएम कमलनाथ और कांग्रेस के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी को चुनाव लड़ाने की मांग तेज हो रही है। लेकिन राहुल के फॉर्मूले से इनके चुनाव लड़ने पर संकट के बादल छा सकते हैं। 

मोदी लहर में कांग्रेस को मध्य प्रदेश में सिर्फ तो सीटों पर संतोष करना पड़ा था। इसमें छिंदवाड़ा और गुना लोकसभा सीट शामिल है। भोपाल दौरे पर आए राहुल गांधी ने कार्यकर्ता में जोश भरते हुए प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए कहा है। लोकसभा प्रभारी मैराथान बैठक कर रहे हैं। हर संसदीय क्षेत्र से दो से तीन नामों को पैनल में शामिल किया जा रहा है। सत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायक और सांसद अपने बच्चों और रिश्तेदारों के लिए टिकट चाह रहे हैं। रविवार को छिंदवाड़ पहुंच मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने ही उनके बेटे को सांसद बनाए जाने के नारे जमकर लगे थे। 

सिंधिया की पत्नी का नाम भी शामिल

हाल ही में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रियदर्शनी राजे सिंधिया का नाम आगे बढ़ाया है। पार्टी चाहती है कि ज्योतिरादित्य ग्वालियर या गुना में से किसी एक सीट पर चुनाव लड़ें। ऐसे में यदि ज्योतिरादित्य गुना से चुनाव लड़ते हैं तो प्रियदर्शिनी ग्वालियर से मैदान में उतरेंगी। वहीं, देवास सीट से लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा अपने बेटे पवन वर्मा के लिए टिकट की आस लगा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उनके बेटे ने प्रचार में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, कई उम्मीदवार इस सीट से ताल ठोक रहे हैं। 

स्वास्थ्य मंत्री के बेटे की  दो सीटों पर नजर

स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के बेटे नीतीश सिलावट की निगाहें इंदौर और उज्जैन की सीटों पर हैं। सूत्रों के मुताबिक नीतीश उज्जैन सीट पर सक्रिय बने हैं। सूत्रों के मुताबिक इस सीट पर पैनल में ज्यादा नाम शामिल नहीं किए जाएंगे। खजुराहो सीट से पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह बुंदेले के पुत्र सिद्धार्थ प्रताप चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। 1999 में अंतिम बार इस सीट से कांग्रेस के सत्यव्रत चतुर्वेदी को जीत मिली थी।

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