निजी अस्पतालों की लूट के खिलाफ सख्त हुआ प्रशासन, कलेक्टर ने दिए सीधे रजिस्ट्रेशन रद्द करने के आदेश

भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया के निर्देश पर कोलार एसडीएम ने 4 निजी अस्पतालों पर मरीजों से अधिक राशि लूटने के चलते कार्रवाई की।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना काल में निजी अस्पतालों की लूट के खिलाफ प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। जहां मंगलवार को कलेक्टर अविनाश लवानिया (Collector Avinash Lavania) के निर्देश पर एसडीएम कोलार ने 4 अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए सभी दस्तावेज जब्त किए और 2 अस्पतालों में गड़बड़ी पाए जाने पर सीएमएचओ को अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई करने लिए कहा है। कलेक्टर लवानिया को कुछ अस्पतालों से अधिक बिलिंग करने और इलाज में ज्यादा राशि वसूलने की शिकायत मिल रही थी। इस पर कलेक्टर सभी संबंधित एसडीएम को अस्पताल का औचक निरीक्षण करने और शिकायत के आधार पर बिल जांचने के निर्देश दिए थे।

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कोलार एसडीएम क्षितिज शर्मा ने कोलार स्थित रुद्राक्ष मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीजों से अधिक राशि वसूल किए जाने की शिकायतें प्राप्त होने पर तहसीलदार कोलार संतोष मुद्गल और नायब तहसीलदार दिलीप द्विवेदी के साथ अस्पतालो की जांच की। बिलो की जांच में प्रथम दृष्टिया जांच के दौरान अस्पताल के द्वारा भर्ती मरीजों से शासन के द्वारा निर्धारित दर से 40 प्रतिशत अतिरिक्त राशि से अधिक राशि लिया जाना पाया गया। जिन मरीजों के परिजनों से अधिक राशि वसूल की गई थी, उक्त राशि अस्पताल द्वारा वापस कराए जाने की कार्रवाई की गई।

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एसडीएम शर्मा ने बताया की कई अस्पतालों की जांच में पाया गया कि मरीज को विभिन्न प्रकार के टेस्ट कराए जाने एवं ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने के नाम पर अनाप-शनाप राशि वसूली जा रही थी और इसके संबंध में मरीजों के परिजनों और अटेंडेंट को जानकारी भीं नही दी जा रही थी। इस संबंध में कोलार क्षेत्र के सभी अस्पतालों को भी निर्देश दिए गए है की जो भी बिल का चार्ज किया गया है उसके संबंध में समस्त जानकारी दी जाए।

इन अस्पतालों पर की हुई कार्रवाई
कोलार एसडीएम क्षितिज शर्मा ने पीयूष अग्रवाल को 8 हजार रुपए, प्रभा पांडे 12 हजार रुपए, एसपी दीक्षित 24 हजार रुपए और एसआर तानपुरे 12 हजार रुपए की राशि वापस दिलाई गई। इस प्रकार कुल 52 हजार रुपए की राशि रुद्राक्ष अस्पताल प्रबंधन से वापस दिलाई गई है। अस्पताल प्रबंधन ने अधिक राशि जोड़े जाने में अपनी गलती स्वीकार की और उक्त राशि वापस किए जाने के लिए लिखित में भी दिया। वहीं होशंगाबाद रोड स्थित उबंटू अस्पताल में भी मोंटू सिन्हा की शिकायत पर जांच की गई। शिकायत सही पाए जाने पर अस्पताल से शिकायतकर्ता को 71 हजार रूपए की राशि वापिस दिलाए गई है। इस प्रकार कुल 1 लाख 20 हजार की राशि वापस दिलाई गई। अधिक बिलिंग और शिकायत में सही पाए जाने पर रुद्राक्ष और उबंटू अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिए गए है। कोलार स्थित अन्य अस्पताल भगवती गौतम एवं निर्माणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी शिकायतों की जांच किए जाने के लिए एसडीएम क्षितिज शर्मा के नेतृत्व में अस्पताल से दस्तावेज जब्त किए गए।