सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश- नई योजना बनाएं, सरकार करेगी व्यवस्था

शिवराज सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमारे होते हुए मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोई भी बच्चा अनाथ नहीं रहेगा, हर बच्चा सनाथ होगा। न केवल ऐसे बच्चे जिनके माँ-बाप का कोविड (Covid-19) से निधन हुआ है, बल्कि वे सभी बच्चे जो बेसहारा हैं, उनके खाने-पीने, शिक्षा, रहने आदि की व्यवस्था मप्र सरकार (MP Government) करेगी।बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (School Education Minister Inder Singh Parmar) वीसी के माध्यम से शामिल हुए।

यह भी पढ़े.. VIDEO VIRAL: तुलसी सिलावट ने महिला से पूछा- पहचाना, कौन हूं मैं, बोली- कमलनाथ

आज मंत्रालय में सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) मध्य प्रदेश के बेसहारा बच्चों की देखभाल के संबंध में बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में सभी बेसहारा बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नई योजना बनाई जाए।पहली कोशिश यह हो कि बेसहारा बच्चों को अभिभावक मिल जाएँ। जिन्हें अभिभावक नहीं मिलते हैं, उनके रहने की व्यवस्था शासकीय संस्थाओं में की जाए।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि जो अशासकीय संस्थाएं बेसहारा बच्चों की देखभाल करती हैं, उनके कार्यों का भी निरीक्षण किया जाए। कई संस्थाएँ बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं।सर्वे कर प्रदेश में सभी बेसहारा बच्चों की सही संख्या पता की जाए और उनकी देखभाल के लिए एक समेकित नई योजना बनाई जाए, जिससे हर बच्चे की सही देखभाल हो सके।

यह भी पढ़े.. MP Weather: मप्र में मानसून सक्रिय, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

बैठक में बताया गया कि मार्च 2021 से आज तक की स्थिति में प्रदेश में कुल 2457 बच्चे बेसहारा हुए हैं। इनमें से 714 बच्चों के मां-बाप नहीं हैं, 1536 बच्चों के मां-बाप में से एक नहीं है और 207 बच्चे परित्यक्त हैं। मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना (CM Covid Child Service Scheme) में 329 बच्चों को और स्पॉन्सरशिप एवं फौस्टर केअर योजना में 939 बच्चों को सहायता दी गई है। शेष 1189 बच्चों को शीघ्र सहायता प्रदान की जाएगी।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews