कांग्रेस का आरोप - विधानसभा अध्यक्ष ने सालों से कर रखा अवैध जमीनों पर कब्जा

होशंगाबाद/भोपाल।

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा स्पीकर सीतासरण पर गंभीर आरोप लगाए है।कांग्रेस ने विस अध्यक्ष पर ज़मीन पर अवैध कब्ज़े करने के आरोप लगाए है। कांग्रेस का आरोप है कि होशंगबादा में 14-15 साल से शर्मा परिवार का ज़मीनों पर अवैध कब्ज़ा करके बैठा है।इसके साथ ही कांग्रेस ने अध्यक्ष पर सदन को जल्दी खत्म करने को लेकर भी सवाल खड़े किए है।

दरअसल, 17 अप्रैल को कलेक्टर जनसुनवाई में आरटीआई एक्टिविस्ट वीरेंद्र यादव ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा के भाई एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भवानीशंकर शर्मा पर सरकारी भूमि पर कब्जा कर स्कूल और दुकानें बनाने का आरोप लगाया था।उन्होंने कहा था कि इस सरकारी जमीन पर शर्मा का 15 साल से कब्जा है। यहां तीन मंजिला स्कूल और 65 दुकानें बनाई गई है। दुकानें 7 लाख से लेकर 8 लाख रुपए की पगड़ी पर किराए से दी गई हैं। यादव ने शिकायत में आरोप लगाया कि इस सरकारी भूमि से अब तक भवानीशंकर शर्मा ने लगभग दो अरब रुपए का आर्थिक लाभ उठाया है। उन्होंने प्रशासन से इसकी वसूली की मांग भी की थी।

इस शिकायत पर जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे ।प्रशासन की जांच में यह भूमि नगर पालिका की होना पाया गया।  राजस्व निरीक्षक द्वारा इस मामले की जांच में अतिक्रमण होने की पुष्टि होने पर अतिरिक्त तहसीलदार ने नपा सीएमओ को पत्र लिखकर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।इस आधार पर जिला प्रशासन ने पंडित रामलाल शर्मा स्कूल और दुकानें तोडऩे के आदेश दिए है। इस संबंध में नगर पालिका का अमला अतिक्रमण के लिए वहां पहुंचा लेकिन रसूख प्रभाव के चलते कार्रवाई नही की गई और अमला वापस लौट गया।

इस पूरे मामले को लेकर अब कांग्रेस ने सवाल खड़े किए है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता मानक अग्रवाल ने एक विज्ञप्ति जारी कर इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीतासरण शर्मा पर संरक्षण देने का आरोप लगाया है।उन्होंने कहा है कि शर्मा एक संवैधानिक पद पर है और अक्सर विधानसभा में लोकतंत्र की रक्षा की दुहाई देते है।अब उनके ही परिवार के लोग सरकार की नाक के नीचे खुलेआम कानून और नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि   शर्मा परिवार से इस संपत्ति से अर्जित लाभ के दो अरब रुपए वसूल किए जाएं ताकी वे लोकहित में इस्तेमाल किए जा सके। 

इतना ही नही अग्रवाल ने कहा कि अगर इस मामले की सघनता से जांच की जाए तो ऐसी बहुत सी बेनामी संपत्ति है जो शर्मा परिवार के नाम पर है उसका भी बड़ा खुलासा हो सकता है।ऐसे कई मामले और भी है ,जिन्हें विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस पेश करने वाली थी लेकिन सरकार की षड़यंत्र के चलते ऐन-केन प्रकारेण से इस सत्र को दो दिन में ही समाप्त कर विधानसभा अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दी गई।