पंचायतीराज दिवस : मंडला पहुंचे पीएम मोदी, थोड़ी देर में करेंगें सभा को संबोधित

मंडला

पीएम नरेंद्र मोदी मंडला जिले के रामनगर में राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस और आदि महोत्सव में शामिल होने पहुंच चुके है। बस अब थोड़ी देर बाद वे सभा को संबोधित करेंगें।उनके साथ मंच पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर,पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ,संजय पाठक,फग्गन सिंग कुलस्ते,राकेश सिंह भी मौजूद है। इस मौके पर पीएम मोदी इस दौरान 'आदिवासी विकास योजना' की शुरुआत करेंगे। वे मंडला के मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का भूमि पूजन और सरपंचों को सम्मानित करेंगे।

इस अवसर पर आदिवासी कल्याण समेत विभिन्न विकास योजनाओं की शुरुआत भी करेंगे। इस योजना के तहत आने वाले 5 सालों में प्रदेश को आदिवासियों के विकास के लिए केंद्र की तरफ से 2 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद राज्य सरकार इसका प्लान बनाकर केंद्र सरकार को भेजेगी।

इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर ने कहा कि ग्राम विकास के प्रति पीएम की उदारता है। उन्होंने 2 लाख 292 करोड़ ग्राम विकास के लिए स्वकृत किए है। ग्रामीण विकास के क्षेत्र केंद्र समेत राज्य सरकार ने अच्छा काम किया है  2022 तक कोई भी बिना आवास के नही रहेगा । PM आवास योजना के तहत करोड़ो घर बनाये जाएंगे। 


इस कार्यतक्रम में शामिल होने 27 जिलों के पंचायत प्रतिनिधियों पहुंचे है। उनमें जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, भोपाल, सीहोर, रायसेन एवं विदिशा जिले के नाम शामिल हैं।

आदि उत्सव के दूसरे दिन 25 अप्रैल को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनजाति जीवन के विभिन्न पहलू से परिचित कराते हुए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उत्सव के अंतिम दिन 26 अप्रैल को प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत लगभग 1000 विवाह तथा निकाह कराए जाएंगे। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले जोड़ों का उनके परंपरागत रीतिरिवाजों के अनुसार विवाह होगा। आयोजन स्थल में विभिन्न विभागों की आम जनता की जानकारी के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

बता दे कि नीति आयोग ने मध्यप्रदेश के जिन जिलों की गिनती पिछड़े जिलों के रूप में की थी, उन जिलों के कलेक्टरों के साथ प्रधानमंत्री मोदी का मंडला में बैठक का भी कार्यक्रम है। गांवों के ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसके तहत अगले चार सालों में गांवों के विकास पर 7255 करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे। इनमें करीब 4500 करोड़ रुपये केंद्र और करीब 2700 करोड़ राज्य सरकार देगी।